फोटो-16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में मेडिकल परीक्षण के लिए बैठीं आरोपी माया देवी व रा
फर्रुखाबाद। किशोरी को बहलाकर लाने और रुपये लेकर उसकी जबरन शादी कराने के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र की एक 16 वर्षीय किशोरी ने राजेपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने कुशीनगर के पडरौना निवासी माया देवी, शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी रामदेवी और उसके बेटे अचल तथा राजेपुर निवासी हुकुम सिंह को आरोपी बनाया। किशोरी ने बताया कि वह गोखरपुर में मजदूरी करती थी। वहां उसकी मुलाकात माया देवी से हुई थी। माया देवी उसे अपने मायके ले जाने का बहाने 27 मई को रामदेवी के घर ले गई।
इसके बाद 30 मई को आरोपी उसे शादी के लिए राजेपुर स्थित हनुमान मंदिर ले गए। वहां रुपये लेकर उसकी शादी हुकुम सिंह से जबरन कराने का प्रयास किया गया। किशोरी किसी तरह वहां से बचकर थाने पहुंची। पुलिस ने मंगलवार को सभी चारों आरोपियों को राजेपुर कड़क्का बांध के पास से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक जोड़ी पायल और 53,000 रुपये बरामद हुए हैं।
शादी के चक्कर में बर्बाद हुआ हुकुम सिंह, पहुंच गया जेल
राजेपुर के गांव चित्रकूट निवासी हुकुम सिंह शादी के लिए बेचैन था। उसने मुश्किल से 80,000 रुपये एकत्र किए थे। किसी माध्यम से वह अचल के संपर्क में आया और शादी की बात की। अचल की मां रामदेवी का संपर्क माया देवी से था। माया देवी किशोरी को चार दिन पहले बहलाकर अपने मायके लाई थी, उसे अच्छी जगह शादी कराने का झांसा दिया गया था। किशोरी को जब पता चला कि उसका सौदा किया जा रहा है, तो उसने विरोध किया। मंदिर में शादी होने के बाद उसने सिंदूर पोंछ दिया और बिछिया उतार फेंकी। उसने स्पष्ट कहा कि वह हुकुम सिंह के साथ नहीं जाएगी। इस पर हुकुम सिंह ने अपने रुपये वापस मांगे जिससे बात बढ़ गई। यह विवाद पुलिस तक पहुंच गया।
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