गांव मीरपुर स्थित एक खेत में दो मोर के शव पड़े होने व एक मोर मरणासन्न अवस्था में मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया। मरणासन्न मोर को पुलिस ने पानी पिलवाकर वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। मौके पर वन विभाग का कोई अफसर नहीं पहुंचा था। इसके चलते मोर का उपचार भी शुरू नहीं हुआ था।
गांव मीरपुर निवासी शंभूदयाल के खेत में रविवार को गांव के ही दुषासन गुजर रहे थे। उन्हें दो मोर के शव पड़े दिखाई दिए। साथ ही एक मोर मरणासन्न हालत में पड़ा था। उन्होंने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस के साथ ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शंभूदयाल ने बताया कि शनिवार को भी उनके खेत में एक मोर का शव मिला था।
उन्होंने शव खेत में ही गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने मामले की सूचना वन विभाग के अफसरों को दी लेकिन वन विभाग का कोई भी अफसर और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। एसओ यतेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने वन विभाग के अफसरों को सूचना दे दी है। बताया कि खेत में जहरीली कीटनाशक दवा के छिड़काव के चलते मोरोें की मौत हुई होगी।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कुछ कहा जाएगा। उधर, शमसाबाद ब्लाक के वन विभाग के दरोगा शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने कायमगंज ब्लाक के वन रक्षक महेश कुमार को सूचना दे दी है। गड्ढे में दबे मोर के शव को भी निकलवाया जाएगा। तीनों मोर के शवों के पोस्टमार्टम कराए जाएंगे।