नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। डीजल के बकाया रुपये को लेकर पेट्रोल पंप संचालक और बस मालिक के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि रोडवेज से अनुबंधित बस को ही बीच रास्ते में रुकवा लिया। बस संचालक ने बस में सवार करीब 65 यात्रियों को रास्ते में ही उतारने का आरोप लगाया। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझौता करा दिया गया।
खैरबंद नगला निवासी बस मालिक मौजीराम की रोडवेज में अनुबंधित बस 30 अप्रैल को सवारियां लेकर जनपद एटा जा रही थी। रास्ते में फैजबाग स्थित पेट्रोल पंप संचालक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुधीर यादव ने गांव कलुआपुर के पास बस रुकवाकर सवारियों को उतरवा दिया और बस को अपने पंप पर खड़ा करा लिया।
बस में कायमगंज के गांव जयसिंहपुर निवासी चालक अन्नू, फतेहगढ़ की रहने वाली परिचालक अंजली के साथ करीब 65 यात्री सवार थे। इस पर बस मालिक ने थाने में पहुंचकर शिकायत की। बस मालिक के अनुसार उस पर पंप से लिए गए डीजल का करीब 10 लाख रुपये बकाया था। वहीं सुधीर यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बस मालिक पर डीजल का करीब 13 लाख रुपये बकाया है। उन्होंने बस रुकवाने और सवारियां उतारने से इन्कार करते हुए दावा किया कि चालक स्वयं बस पंप पर खड़ी कर चला गया। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पंचायत कराई। इसमें बस मालिक ने दो लाख रुपये तत्काल देने और शेष राशि किस्तों में चुकाने पर सहमति जताई। इसके बाद मामला शांत हो गया।