शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। गांव पसियापुर के 100 लोग ढाईघाट गंगा तट पर शुक्रवार दृोपहर गंगा पहनावन करने गए थे। पहनावन के बाद सभी लोगों ने घर से बनकर आई पूड़ी सब्जी खाई। इसके बाद ट्रैक्टर ट्राली से घर लौटते समय रास्ते में बच्चों को उल्टी होने लगी। देर रात घर पहुंचते-पहुंचते सभी 100 लोगों की हालत बिगड़ गई। शनिवार को ग्रामीणों ने सीएचसी और पीएचसी से दवा ली। ग्रामीण ने दुकानदार से खराब वनस्पति घी देने की बात कही तो वह विवाद करने लगा। ग्रामीण ने इसकी शिकायत चौकी प्रभारी और एसडीएम कायमगंज से की है।
गांव पसियापुर निवासी प्रेम सिंह, पत्नी कमलादेवी शुक्रवार को गांव के 100 लोगों को ट्रैक्टर ट्राली से दोपहर में ढाईघाट गंगा तट पर गंगा पहनावन के लिए लेकर गए थे। वे घर से सभी के लिए पूड़ी और सब्जी बनवाकर ले गए थे। शाम तक गंगा पहनावन का कार्यक्रम चला। इसके बाद गांव के लोगों ने वहीं पूड़ी व आलू की सब्जी खाई। इसके बाद घर को चल दिए। रास्ते में कुछ लोगों को उल्टी होने लगी। गांव पहुंचने पर सभी लोगों को उल्टी दस्त होने लगे। शनिवार को किसी ने सीएचसी, तो किसी ने पीएचसी से दवा ली। प्रेमसिंह ने जिस दुकान से पूड़ी-सब्जी के लिए वनस्पति घी खरीदा था, उसके पास शनिवार को गए।
उससे खराब वनस्पति घी देने की बात कही। इसको लेकर दुकानदार से विवाद होने लगा। प्रेम सिंह ने दुकानदार की चौकी प्रभारी विनोद यादव से शिकायत की। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम कायमगंज से की। पीएचसी प्रभारी डा. विनोद कुमार ने बताया कि ग्रामीणों और बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हो गई थी। चौकी प्रभारी ने बताया कि जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों को जानकारी दी गई है। तहरीर भी मिल गई है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रेम सिंह, इनकी पत्नी कमलादेवी, रघुवीर (65), इनकी पत्नी शांतिदेवी (60), सुशीला (50), कुवर पाल (32), लड़ैती देवी (28), सविता (30), देवकी(5), विशाल(8), रुकमणी (25), जनवेज (30), आलोक (13), जुगेंद्र (24), रोशनी (10), बीना (20), बेटी (25), शीतला (18), ओमवती (42) समेत 100 लोगों की तबीयत बिगड़ गई।