फर्रुखाबाद। कोहरा गुरुवार को भी छाया रहा। सड़कों पर 50 मीटर दूर तक दिखाई नहीं दे रहा था। इससे वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री बढ़ा जरूर लेकिन ठंड कम नही हुई।
गुरुवार अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री था। सुबह कोहरे की चादर घनी थी कि 50 मीटर दूर तक का दिखना मुश्किल था। चालक वाहनों की लाइटें जलाकर चल रहे थे। ठिठुरन इतनी ज्यादा कि दोपहिया वाहन चालक जहां भी अलाव मिलता खड़े हो जाते। जरूरतमंद ही घरों से निकले। दोपहर करीब 12 बजे बादल और कोहरा कम होने पर सूर्यदेव के दर्शन हुए। इसके बाद जनजीवन में कुछ सुधार आया। सूर्य अस्त होते ही फिर बर्फीली हवाएं चलने से लोगों खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग जल्दी ही घरों में दुबक गए। घने कोहरे के चलते दिल्ली से आने-जाने वाली रोडवेज बसें तीन-तीन घंटे देरी से चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड के चलते बसों में यात्रियों की संख्या भी काफी कम रही।