वसंत पंचमी पर्व पर जमकर पतंगबाजी हुई। आसमान में रंग बिरंगी पतंगें उड़ती रहीं। इस दौरान पेंच कटने के बाद वो काटा का शोर भी मचता रहा। पतंग कटने के बाद लूटने के लिए बच्चे दौड़ते रहे। लोगों ने छतों पर डीवीडी और डेग मशीनें भी लगाईं। देर शाम छूटी आतिशबाजी से नजारा दीवाली सा नजर आया। किशोरियां भी खुद को पतंग उड़ाने से रोक नहीं सकीं।
शहर में वसंत पंचमी पर्व पर पतंग उड़ाने की वर्षों पुरानी परंपरा है। इससे शुक्रवार को भोर से ही युवा और बच्चे छतों पर चढ़ गए। युवाओं ने अपनी-अपनी छतों पर डेंग मशीन और डीवीडी लगाकर गाने बजाने शुरू कर दिए। पतंगबाजों ने पतंग उड़ाकर खूब पेंच लड़ाए।
शहर में हर जगह छतों पर लोग पतंग काटकर वो काटा है, वो मारा है चिल्ला रहे थे। सुबह हवा न चलने से पतंगबाज मायूस हो गए लेकिन दोपहर बाद हवा चलने पर लोगों ने जमकर पतंगबाजी की।
युवतियां भी पतंग उड़ाने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने भी जमकर पतंग उड़ाई। वसंत पंचमी पर लोगों ने आलू भूनकर उसका भी जमकर लुत्फ उठाया। पतंगसाजों की दुकानों पर भोर से ही पतंग, मांझा और सद्दल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शाम को लोगों ने जमकर आतिशबाजी छुड़ाई। आसमान में सतरंगी आतिशबाजी के नजारे ने दीवाली की याद ताजा कर दी।