फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: बाढ़ का पानी उतरा, गांवों में गंदगी व दुर्गंध का डेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमृतपुर। बाढ़ का पानी उतरने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ गई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में जगह-जगह कीचड़, गंदगी व सड़ी घास जमा है। नालियां बाढ़ के कीचड़ से पटी पड़ी हैं। सफाई न होने से सड़ांध फैल रही है।
विज्ञापन

गांव मंझा, अम्बरपुर, ऊगरपुर, नगला दुर्गू, माखन नगला, रामप्रसाद नगला, कालिका, धनी नगला, पंचम नगला और नगला खुशहाली समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित रहे हैं। पानी उतरने के बाद गलियों व नालिया भरी पड़ी है। कई जगह बाढ़ के साथ आई घास और कूड़ा सड़ने लगा है। इससे गांवों में दुर्गंध उठने से लोगों का जीना मुश्किल हैं। गंदगी व जलभराव होने से मच्छर पनप रहे है।
ग्रामीणों का कहना कि बाढ़ के दौरान तो किसी तरह राहत पहुंची लेकिन पानी उतरने के बाद सफाई नहीं हो रही है। गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी भी सफाई करने नहीं पहुंच रहे हैं। नालियां बंद होने से गंदा पानी रास्तों में जमा हो रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है और ग्रामीणों को बीमारी फैलने का डर सता रहा है। एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने बताया कि बाढ़ का पानी समाप्त हो रहा है। सफाई कर्मचारियों को गांव में जाकर सफाई करने के साथ दवा का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए है। बाढ़ से प्रभावित गांव में अभियान चलाकर सफाई कराई जाएगी।
विज्ञापन


-
बुखार की चपेट में आ रहे लोग : पानी उतरने के बाद जगह-जगह गंदगी जमा हो गई। इससे मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गांव अंबरपुर में महेश चंद्र पाठक, ममता देवी, धनपाल, राजेंद्र सिंह, रामनरेश, महाराम, जदुनाथ, शीशराम, राकेश आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं। बरुआ में भी लोग बुखार व जुकाम से पीड़ित हैं और झोलाछाप से दवा ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन न पहुंच पाने के कारण ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को हो रही है। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. मानसिंह ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जा रही है। जिस गांव में नहीं पहुंची उस गांव में भेज कर दवा वितरित कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें