अमृतपुर। गंगा का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रमण फैलने से लोग दहशत में हैं। अकेले हरसिंहपुर कायस्थ में 30 से अधिक लोग खांसी, बुखार, जुकाम, खुजली से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक कोई स्वास्थ्य टीम दवा देने के लिए नहीं आई है। मजबूरी में लोग नाव आदि का सहारा लेकर इधर-उधर इलाज को भटकने को मजबूर है।
तो वहीं जोगराजपुर, माखन नगला, जटपुरा, कालिका नगला, फुला, जटपुरा में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हालत यह है कि स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमों में मात्र दो टीम ही गांवों में दवा देने को पहुंच रहीं हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में सबसे खराब स्थिति हरसिंहपुर कायस्थ गांव की है। यहां के बीमार लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। गांव के धर्मपाल, बृजपाल, लाल सिंह, जगदीश, श्यामादेवी, नन्हीं देवी, आशादेवी आदि खांसी, बुखार, जुकाम व खुजली की बीमारी से ग्रसित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि 20 दिन पहले गांव में पानी घुसा था। तब से अभी तक कोई भी स्वास्थ्य टीम गांव में दवा बांटने नहीं आई है। ग्रामीणों को खुद नाव से दवा लेने जाना पड़ता है। ऐसे ही हालत अन्य प्रभावित गांवों के हैं। डा. गौरव वर्मा, डा. सुधीर सिंह व वार्ड ब्वाय राकेश सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांव फकरपुर पहुंच कर शनिवार को बीमार ग्रामीणों को दवा वितरित की। डा. गौरव वर्मा ने बताया कि खांसी, बुखार, जुकाम और खुजली बीमारी से परेशान करीब 176 ग्रामीणों को दवा दी गई है।
गंगा का पानी घटने से गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, कुड़री सारंगपुर, करनपुर घाट, तीसराम की मड़ैया, अचानकपुर में कटान होने लगा है। इससे गांव के लोग भयभीत है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव कोला सोता, बेचेपट्टी, गोकुलपुर, अलादपुर भटौली, बिरसिंहपुर, खरगपुर राई, मौलागंज, मिश्री समेत अन्य गांवों में कटान तेजी से शुरू हो गया है। कटान देखकर इन गांव के लोग परेशान हैं। रामगंगा के जलस्तर में दस सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। जलस्तर 135.80 मीटर से 135.90 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं गंगा का जलस्तर 136.95 से पांच सेंटीमीटर घटकर 136.90 मीटर पर आ गया है।