फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस ने फर्जी तमंचा लगाकर एक बाइक मिस्त्री को जेल भेज दिया। एडीजी से शिकायत के बाद तत्कालीन कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए थे।
एक साल बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सभी को बहाल कर दिया गया। 13 माह तक विवेचना लटकाने की वजह से पुलिस कर्मियों को लेटलतीफी का लाभ मिल गया। हाईकोर्ट में चार्जशीट दाखिल न होने की वजह से सभी बहाल हो गए।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपरगांव निवासी बाइक मिस्त्री नंदू उर्फ नंद किशोर की गांव पट्टी खुर्द के पास बाइक रिपेयरिंग की दुकान है। अगस्त 2024 में मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस नंदू को बाइक ठीक करवाने के बहाने दुकान से बुला ले गई।
इसके बाद फर्जी तमंचा लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। नंदू के भाई कृष्ण कुमार ने मामले की शिकायत एडीजी कानपुर से की थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर दिसंबर 2024 में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी मोहम्मदाबाद मनोज भाटी, दरोगा महेंद्र सिंह, कांस्टेबल अंशुमान, राजन पाल और यशवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपियों को निलंबित भी कर दिया गया था।
मामले की जांच सीओ मोहम्मदाबाद को सौंपी गई। निलंबित पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट की शरण ली। विभागीय सूत्रों ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर निलंबित किए गए पांचों पुलिसकर्मियों को बहाल कर दिया गया।
तत्कालीन कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार भाटी ने मोबाइल पर बताया कि कोर्ट के आदेश पर बहाल किए गए हैं। पीड़ित नंदू के भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि बहाली की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसा है तो वह पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।
अमृतपुर सीओ संजय वर्मा का कहना है कि मामले में न्यायालय के आदेश पर सभी पुलिसकर्मियों की बहाली की गई होगी। उन्हें इस बारे में अभी जानकारी नहीं है।
पुलिस पूरी नहीं कर पाई जांच
फर्रुखाबाद। आम आदमी के खिलाफ अगर रिपोर्ट हो जाए तो उसकी विवेचना करने में पुलिस जरा भी देर नहीं लगाती। मगर अपने ही मातहतों की जांच अगर मिल जाए तो पुलिस कछुआ गति से विवेचना करती है।
बाइक मिस्त्री को फर्जी तरीके से जेल भेजे जाने की विवेचना कुछ इसी तरह से की जा रही है। पुलिस अभी विवेचना पूरी नहीं कर सकी है। मामले की विवेचना सीओ अमृतपुर को दी गई थी। जांच तो पूरी नहीं हो सकी, मगर सभी पुलिसकर्मी बहाल जरूर हो गए।
नियमानुसार विवेचना 60 से 90 दिन में होती, मगर नौ माह बाद भी इस मामले की विवेचना नहीं हो सकी है। इस संबंध में अमृतपुर सीओ संजय वर्मा ने बताया कि विवेचना अंतिम दौर में चल रही है। जल्द ही रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। (संवाद)