फर्रुखाबाद। पोस्टमार्टम हाउस में शव कुत्तों के नोचने के मामले में पांच आउटसोर्स कर्मियों पर बर्खास्तगी की गाज गिर गई है।
वहीं लापरवाही पाए जाने पर सीएमओ ने फार्मासिस्ट को स्थानांतरित करने के साथ नोडल अधिकारी को चार्ज से हटा दिया। स्पष्टीकरण का जवाब दूसरे दिन शनिवार को भी न मिलने से अब कार्रवाई की तैयारी है।
पोस्टमार्टम हाउस की मॉर्चरी में शव जमीन पर रखकर जाने और शव कुत्तों द्वारा शव नोचने की घटना के चलते सीएमओ ने पांच आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए। इस मामले में कार्यदायी संस्था चिप एंड डायल एस्सासिनेशन आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड ने आउटसोर्स कर्मी चिंटू, अमित जूलियस, रवि, रंजीत और राजीव की सेवाएं समाप्त कर दीं।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि मामले में नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ.दीपक कटारिया व फार्मासिस्ट विकास गुप्ता की लापरवाही सामने आई है। नोडल अधिकारी व फार्मासिस्ट ने दूसरे दिन भी अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया। दोनों का वेतन रोक दिया गया है। नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजी को पत्र भेजा जा रहा है।
वहीं फार्मासिस्ट विकास गुप्ता को राजेपुर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरह के लिए स्थानांतरित कर दिया है। इसके अलावा पांच आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। पोस्टमार्टम हाउस की सभी व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएंगी।
अंग्रेजों के जमाने की है जर्जर मॉर्चरी
फर्रुखाबाद। पोस्टमार्टम हाउस परिसर में मॉर्चरी भवन अंग्रेजों के जमाने का है। बताया जा रहा है कि करीब 100 वर्ष पुराना भवन होने से वर्ष 2016 में नया पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण कराया गया था। इससे करीब 8 वर्ष से नये भवन में ही पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
पुराना जर्जर भवन उपयोग में न होने से यहां सफाई भी नहीं होती थी और बड़ी-बड़ी घास व झाड़ियों से घिरा था। इसके बावजूद जर्जर भवन का विभाग ने ध्वस्तीकरण नहीं कराया। खिड़की, दरवाजे टूटे होने के बाद भी कर्मचारियों ने पुराने मॉर्चरी भवन में शव रखवाकर लावारिस छोड़ दिया। इससे शव को कुत्ते नोचकर खाते रहे।
इस घटना के बाद अधिकारियों ने निष्प्रयोज्य हो चुके पुराने मॉर्चरी भवन की भी मरम्मत करा दी। वहीं, लोगों का कहना है कि जब यह भवन प्रयोग में नहीं है तो इसका ध्वस्तीकरण होना चाहिए। फिलहाल इस सवाल को लेकर स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। (संवाद)