कमालगंज (फर्रुखाबाद)। नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत व कई के घायल होने की घटना से शिक्षक रईश के आंखों में आंसू छलक पड़े। वर्ष 2020 में घिलोई में हुई घटना में दोस्त जैसे भाई सहित पांच सदस्यों को खोने का दुख उभर आया। रुंधे गले से बोले सब लूट गया था। उनके भाई परिवार के साथ बस में सफर करने के दौरान दस लोग जिंदा जलकर मर गए थे। घटना के 11 महीने बाद डीएनए टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर शवों अवशेष को परिजन के सुपुर्द किए गए थे। उन्हें सुपुर्दे खाक किया था।
गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के पास बुधवार देर रात चलती टूरिस्ट बस में अचानक आग लग गई। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हैं। बृहस्पतिवार की सुबह जब यह खबर कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव उगरापुर निवासी शिक्षक रईश अहमद को पता चली तो वर्ष 2020 में घिलोई में हुई घटना याद आने वह भावुक हो गए। इस घटना में उनके भाई मोहम्मद लईक (45), लईक की पत्नी शायदा बेगम (42), पुत्री शादिया (11), पुत्र शान अहमद (9) व शैफ अहमद (7) की जिंदा जल गए थे। इसी बस में गांव के छम्मीलाल वर्मा अपने पुत्र सौरभ के साथ बस में सवार थे। यह भी लोग जयपुर जा रहे थे। यह पिता-पुत्र झुलस गए थे।
दुखी मन व लड़खड़ाती आवाज में रईश ने बताया कि लईक भाई नहीं दोस्त की तरह था। वह अपनी हर बार उससे कहते थे। उसके जाने से वह अकेले रह गए। भतीजे शान अहमद से उन्हें बहुत लगाव था। उन्हें पूरी जिंदगी बस यही दुख रहेगा कि उन्हें अपने भाई और उसके परिवार के शव भी नहीं मिले। जिंदा जलने से बस में हड्डियां और राख मिली थी। हैदराबाद स्थित लैब में दो बार डीएनए जांच के लिए नमूना दिया था।
इसके बाद भाई व उनके परिवार के मरने की पुष्टि हुई। घटना के करीब 11 महीने बाद छिबरामऊ पुलिस द्वारा अस्थियां मिलीं थीं। जिन्हें गांव लाकर सुपुर्दे खाक किया गया था। घटना के बाद मुख्यमंत्री द्वारा हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिजन को दो-दो लाख रुपये मुआवजा राशि दी गई थी। (संवाद)
इनसेट
जयपुर के लिए सप्ताह में एक ट्रेन, इसलिए बस का सहारा
वर्ष 2020 में हुए बस कांड में घायल छम्मीलाल ने बताया कि वह इन दिनों जयपुर में ही काम कर रहे हैं। वह अभी भी स्लीपर बस से ही आवागमन करने को मजबूर हैं। फर्रुखाबाद से जयपुर जाने के लिए सप्ताह में एक ट्रेन होने से काफी परेशानी होती है। पहले तो रिजर्वेशन के लिए दिक्कत उठानी पड़ती है, फिर सामान ले जाने में कठिनाई होती है। बस अग्निकांड में वह घायल हुए थे। तब उन्हें सीएम द्वारा 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि दी गई थी। (संवाद)
फोटो-31 शायदा बेगम। फाइल फोटो
फोटो-31 शायदा बेगम। फाइल फोटो
फोटो-31 शायदा बेगम। फाइल फोटो