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15 दिन में एक डकैती और पांच लूट की वारदातें

Sat, 04 Mar 2017 11:18 PM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
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 विधान सभा चुनाव के मतदान के बाद जिले में पांच लूट और एक डकैती की घटना को अंजाम दिया। पुलिस एक भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई।
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19 फरवरी को मतदान होने के बाद 12 दिन के भीतर पांच लूट एक डकैती की घटना ने पुलिस की कलई खोल दी है। लोगों में दहशत है, लेकिन पुलिस लापरवाह है। 21 फरवरी की रात मोहम्मदाबाद के गांव गैसिंगपुर निवासी प्राइवेट शिक्षक अजीत सिंह कुशवाह के घर पर बदमाश घुस आए।

बदमाशों ने घर में लाखों की डकैती डाल कर नकदी व जेवर ले गए। विरोध करने पर फायरिंग कर दी जिससे अजीत सिंह समेत चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। वारदात के बाद एसपी ने घटना का जल्द खुलासा करने का दावा किया। स्वाट को भी लगाया गया। घटना को 11 दिन बीत गए लेकिन अभी तक खुलासा करना तो दूर अभी तक कोई सुराग तक नहीं लगा है।
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इसके बाद लुटेरों ने 24 फरवरी को नवाबगंज के नगला हीरा सिंह निवासी महिला सुनीता देवी के पुठरी मंदिर से लौटते समय तमंचे के बल पर जेवर लूट कर भाग गए। इसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने जांच के नाम पर लीपापोती करके अपराधियों को बचाने का काम किया।


बाइक सवार लुटेरों ने 1 मार्च को तार तार कर चुनौती दे डाली। इस दिन लुटेरों ने जिला मैनपुरी थाना बेवर के गांव ज्योतिनगर निवासी कृष्णादेवी पत्नी रवि पाठक मेरापुर के कालीनदी के पास बाइक लुटेरों ने तमंचा लगा कर लूट लिया। तहरीर के बाद भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।


इसी दिन नवाबगंज कसबा निवासी अजय गुप्ता बाइक से पत्नी प्रिया और बेटी के साथ ससुराल जाते समय लुकटवाले बाग के पास लुटेरों ने तमंचा लगा नगदी और जेवर लूट कर भाग गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।

इसी दिन कायमगंज के गांव अताईपुर कोहना निवासी मुकेश शाक्य बाइक से पत्नी नीलम और बच्चों के साथ अपनी ससुराल एटा से वापस लौटते समय कामयगंज के गांव नगला उम्मेद में बाइक सवार लुटेरों ने तमंचा लगा नगदी और जेवर लूट ले गए। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई।


3 मार्च को मोहम्मदाबाद के गांव दाउदपुर निवासी कश्मीर सिंह यादव बाइक से मिर्जापुर अपने बेटे की ससुराल जाते समय पखना रेलवे स्टेशन धीरपुर मार्ग एफसीआई गोदाम के निकट बाइक सवार लुटेरों ने नगदी और जेवर लूट लिए। तहरीर के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

पुलिस लूट के मामलों को गंभीरता से लेने के बजाय उनसे पल्ला झाड़ने में जुट जाती है। क्राइम कंट्रोल के लिए रिपोर्ट ही न लिखने का फार्मूला अपनाया जा रहा है। लुटने-पिटने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कहकर पीड़ितों को टरका दिया। वहीं मुकदमा ही न लिखे जाने से लुटेरों के हौसले बुलंद हो हैं।
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खुलासे के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। वाहन चेकिंग में तेजी लाई गई है। मुखबिरों का जाल बिछाया गया है। थानेदारों के साथ ही स्वाट टीम भी सक्रिय है। जल्द ही लुटेरों के गिरोह को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
सुभाष सिंह बघेल, एसपी।
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