किसान मेले के दूसरे दिन पड़ोसी जनपद कन्नौज व फर्रुखाबाद के किसान पहुंचे। मेले में उन्हें कृषि यंत्रों के विषय में बताया गया। साथ ही वैज्ञानिकों ने खाद के इस्तेमाल संबंधी जानकारी दी। किसानों ने गेहूं कटर में खूब रुचि ली। गेहूं कटर एक लीटर डीजल में करीब पांच बीघा फसल काट देगा।
फतेहगढ़ स्थित ऑफीसर्स क्लब में लगे किसान मेले में नए प्रकार का गेहूं कटर रखा गया। इसमें तीन जगह पर दरातीनुमा छह ब्लेड लगे हैं। यह गेहूं के पौधे को नीचे से काट देता है। साथ ही इसमें ट्रैक्टर की जरूरत भी नहीं होती है। इसमें एक छोटा जनरेटर इंजन लगा है। मेले में ज्यादातर किसान इस गेहूं कटर को देखने में लगे रहे। कई बार इसका डेमो भी किया गया। इसके अलावा किसानों ने रोटावेटर के बारे में भी जानकारी ली।
कार्यक्रम के समापन पर डीडीएजी राजकुमार सिंह ने किसानों से कहा कि अपने खेतों में अधिक खाद न डालें। इससे फसल खराब होती हैं। फसल के हिसाब से ही उर्वरकों का उपयोग किया जाए। कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि किसानों को मृदा परीक्षण कराना भी जरूरी है। इससे खेत की उर्वरा शक्ति आदि के विषय में पता चलता है। गेहूं कटर एक लीटर डीजल में करीब पांच बीघा फसल काट देगा। कृषि उपनिदेशक राजकुमार सिंह ने बताया कि इसमें कटर अधिक लगे हैं। इससे यह ज्यादा समय भी नहीं लेता है। एक से सवा घंटे में यह कटर पांच बीघा फसल काट देगा। इसकी कीमत करीब तीन लाख रुपये है। इस पर सरकार चालीस प्रतिशत अनुदान दे रही है।