करीब एक वर्ष पहले कन्नौज में हुए भीषण बस हादसे के जिम्मेदार बस संचालक पर एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी अभी भी मेहरबान बने हुए हैं। संचालक के गैरेज जाकर अधिकारी ने उनके हिसाब से चार बसों के फिटनेश प्रमाणपत्र जारी कर दिए।
कन्नौज जिले में छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव घिलोई में करीब एक वर्ष पहले स्लीपर बस और ट्रक टकरा गए थे। हादसे में दस लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। सामान्य बस की लंबाई बढ़ाकर स्लीपर बनाई गई थी। बस संचालक और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उनकी कई बसों अनामक मिलीं थी।
बसों का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में तत्कालीन एआरटीओ फर्रुखाबाद और एआरटीओ हमीरपुर को निलंबित कर फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। दो दिसंबर को विवेचक मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट भी लगा चुके हैं। किंतु अधिकारी अभी भी कन्नौज हादसे के जिम्मेदार बस संचालक पर मेहरबान हैं।
बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाए ही बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। 23 फरवरी से जिले में बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के फिटनेस आदि का काम बंद कर दिया गया है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से संबंधित आदेश 22 को आया था।
आदेश आने के साथ ही 22 फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी ने कादरीगेट गैराज स्थित बस संचालक के गैरेज जाकर चार बसों का फिटनेश प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि फिटनेस प्रमाणपत्र आदि का काम एआरटीओ कार्यालय परिसर में ही किया जाता है। गैराज पर जाकर सत्यापन करने और फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।