अमृतपुर। मंझा की मडैया में शनिवार को हुए अग्निकांड में 67 परिवार बेघर हो गए। डीएम ने टेंट लगाकर छाया मुहैया कराने का फरमान दिया था। डीएम के जाते ही बीडीओ ने दो घंटे बाद टेंट उखड़वा कर ट्रैक्टर पर लदवा कर भिजवा दिया। तहसीलदार ने जो पालीथीन ग्रामीणों को दी थी, उसी के सहारे खुले आसमान के नीचे रात काटी। रविवार को दिन चिलचिलाती धूप में इधर उधर घूम कर काटा। प्रशासन की ओर से अगिभन पीड़ितों को कोई भी राशन और भोजन मुहैया नहीं कराया गया। रिश्तेदार जो भोजन लेकर आए, उसी को खाकर अग्निपीड़ितों ने पेट की आग बुझाई। 52 लोगों की सूची तैयार कर आर्थिक मदद दिए जाने के लिए कोषागार भेज दी गई है।
मंझा की मडैया गांव में शनिवार को दंपति के विवाद में उसके घर में आग लग गई थी। तेज हवा के चलने से आग ने गांव के 67 कच्चे छप्पर पड़े घर चपेत में आने से जल गए। इससे 67 परिवार बेघर हो गए। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने गांव पहुंच कर अग्निपीड़ितों से पूछताछ की और बीडीओ को स्कूल में सभी टेंट लगा कर ठहराने और जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार को कोटेदारों की टीम बनाकर राशन वितरण कराने के निर्देश दिए थे। बीडीओ कमलेश कुमार ने आनन फानन में टेंट मंगाया और स्कूल में लगवा दिया था। डीएम के जाने के करीब दो घंटे पर बीडीओ ने स्कूल से टेंट खुलवा लिया और उसको ट्रैक्टर पर लाद कर भिजवा दिया। तहसीलदार राजीव निगम ने पीड़ितों को पालीथीन बांटी थी। टेंट जाने के बाद ग्रामीणों ने रात पालीथीन तान कर काटी। रविवार को चिलचिलाती धूप में पालीथीन के छाये में बैठना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया। इस कारण ग्रामीणों ने इधर उधर घूम कर दिन काटा। उनके रिश्तेदार खाना लेकर मिलने आए, जिससे पीड़ितों ने पेट की आग बुझाई, लेकिन प्रशसन की ओर से पीड़ितों को कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं कराई गई। पीड़ित राजीव कुमार, मायावती, रामू, रतनपाल, पप्पू ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई राहत सामग्री नहीं दी गई। रिश्तेदार जो भोजन लेकर आए, उसी को खाकर गुजारा किया। तहसीलदार राजीव निगम ने बताया कि 52 लोगों की सूची तैयार कर कोषागार भेजी गई है। ताकि पीड़ितों के खातों में सीधे धनराशि भेजी जा सके। बकाया पीड़ितों के खाते एकत्र किए जा रहे है।
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चार लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई
अग्निपीड़ितों की सूची तैयार करने के लिए लेखपालों की टीम लगाई गई थी। लेखपाल मोहित गुप्ता, आशीष कुमार, रामजी व आदिल खां शनिवार को देर से आए और जल्दी चले गए। उन्होंने डीएम के आदेश की अवहेलना की। इस मामले में तहसीलदार राजीव निगम ने चारों लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
डीएसओ पर नहीं पड़ा डीएम के फरमान का असर
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार से चार-पांच कोटेदारों के माध्यम से पीड़ितों को अनाज बंटवाने के निर्देश दिए थे। गांव के कोटेदार रामवीर सिंह ने 10-10 किलोग्राम चावल के पैकेट और एक नमक का पैकट बांटा। इसके अलावा जिला पूर्ति अधिकारी ने किसी भी कोटेदार के माध्यम से पीड़ितों को अनाज नहीं बंटवाया। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि उन्होंने कोटेदारों को राशन वितरण करने के निर्देश दिए है।