तहसील क्षेत्र के गांव मंझा की मढ़ैया में पत्नी से विवाद होने पर नशेबाज युवक ने घर में आग लगा दी। कुछ ही पलों में लपटों की चपेट में आकर आसपास 67 झोपड़ियां जल गईं। फायरब्रिगेड और ग्रामीणों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से हजारों का अनाज, नगदी, जेवर और घर का अन्य सामान जल गया। फिलहाल अग्निकांड में लाखों रुपये नुकसान का अंदेशा जताया गया है। घटनास्थल पर जिलाधिकारी मोनिका रानी समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंच गए हैं।
गांव में शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे राजेंद्र कुमार शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा। इस दौरान राजेंद्र का पत्नी सुरन्ना देवी से विवाद हो गया। गुस्से में राजेंद्र ने अपनी झोपड़ी में आग लगा दी। तेज हवा के कारण आग ने एक-एक कर पूरे गांव को चपेट में ले लिया। गांव भर में आग की लपटें उठती देखकर ग्रामीणों में हाहाकार मच गया। ग्रामीण जान बचाकर गांव से बाहर की ओर दौड़ पड़े। आनन-फानन में अपने जानवरों को बचाकर आग बुझाने में जुट गए। घटना की जानकारी मिलने पर दो छोटी फायरब्रिगेड पहुंच गई। आग इतनी भीषण थी कि फायरब्रिगेड कर्मियों और ग्रामीणों को आग बुझाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 1.30 बजे आग पर काबू पाया जा सका, तब तक झोपड़ियां पूरी तरह जल चुकी थीं।
घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी मोनिका रानी, तहसीलदार अमृतपुर राजीव निगम, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल घटनास्थल पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने अग्निपीड़ितों की सूची बनवाई। तहसीलदार को अग्निपीड़ितों को भोजन बनवाकर देने और पांच-पांच मीटर पॉलीथिन देने के निर्देश दिए।
डीएम ने पीड़ितों को स्कूल में टेंट बनवाकर ठहराने के दिए निर्देश
बीडीओ कमलेश कुमार से डीएम ने अग्निपीड़ितों की पेंशन और आवास सूची देने के निर्देश दिए। साथ ही इंतजाम न होने तक पीड़ितों को प्राइमरी स्कूल में टेंट बनाकर ठहराने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। रोशनी के लिए जनरेटर का इंतजाम करें। अग्निपीड़ितों का कहना है कि अग्निकांड में उनका सब-कुछ जल गया। अग्निपीड़ित झुम्मा देवी ने बताया कि उसके डेढ़ लाख रुपये और जेवर समेत सालभर का अनाज जल गया। राजस्वकर्मियों ने बताया कि करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं अग्निपीड़ितों ने बताया कि करीब 50 लाख रुपये नुकसान होने का अंदेशा जताया है।
फोटो- 16...रेत में फंसी कार को धक्का देकर निकालते तहसीलदार राजीव निगम व अन्य।
डीएम की कार रेत में फंसी
मंझा की मढ़ैया जाते समय जिलाधिकारी मोनिका रानी की कार बलीपट्टी-मंझा के बीच रेती में फंस गई। तहसीलदार राजीव निगम व अन्य कर्मचारियों ने जैसे-तैसे धक्का देकर डीएम की गाड़ी को निकाला।
अग्निपीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
मंझा की मढ़ैया में भीषण आग लगने की सूचना पर समाजसेवी संजय सोमवंशी समर्थकों के साथ राहत सामग्री लेकर गांव पहुंच गए। उन्होंने अग्निपीड़ितों को राहत सामग्री के पैकेट बांटे। उन्होंने अग्निपीड़ितों को ढांढस बंधाया कि वह उनकी हर संभव मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने मुआवजा दिलवाने का आश्वासन भी दिया।
नशेबाज युवक मौके से भागा
मंझा की मढ़ैया में पत्नी से झगड़ा करने के बाद घर में आग लगाने वाले राजेंद्र कुमार को ग्रामीणों ने पीट दिया। ग्रामीण युवक को पुलिस के हवाले करने जा रहे थे, तभी वह किसी तरह हाथ छुड़ाकर मौके से भाग गया। एसओ रामप्रसाद ने बताया कि राजेंद्र कुमार के पिता रामपाल के अनुसार राजेंद्र की पत्नी चूल्हे पर खोया बना रही थी। राजेंद्र का पत्नी से विवाद होने लगा। इस दौरान राजेंद्र के चार साल के पुत्र शोभित ने खेल-खेल में जलती लकड़ी फेंक दी। इससे झोपड़ी में आग लग गई।