फर्रुखाबाद। शमसाबाद सीएचसी में बिना आदेश तीन आवास जेसीबी से ध्वस्त कराने के मामले में सीएमओ ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। 15 दिन पहले मौखिक आदेश पर भवन ध्वस्त करा दिए गए थे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 48 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) का निर्माण स्वीकृत है। निर्माण के लिए ठेकेदार का चयन भी हो चुका है। इसके चलते 28 जनवरी को सीएचसी के तीन आवास व बरामदा का ठेकेदार ने जेसीबी से ध्वस्तीकरण करा दिया। जबकि इन आवासों को न तो जर्जर घोषित किया गया और न ही ध्वस्तीकरण का आदेश था। मलबे की नीलामी प्रक्रिया भी नहीं की गई। इस मामले को अमर उजाला ने 29 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई।
सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही अवर अभियंता, एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा व एसीएमओ डॉ. मलिक आलमगीर से जांच कराई। जांच अधिकारियों का कहना है सीएचसी प्रभारी डॉ. सरवर इकबाल ने बयान दिए कि उन्होंने ध्वस्तीकरण का कोई आदेश नहीं दिया था। उस दौरान वह क्षेत्र में भ्रमण पर थे। हालांकि ठेकेदार का कहना है कि उसने फोन पर बात कर सीएचसी प्रभारी से अनुमति ली थी। उन्होंने दोनों पक्षों के बयान सहित अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। नियमानुसार यदि सीएचसी प्रभारी की सहमति नहीं थी तो उन्हें तत्काल ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने सीएचसी प्रभारी को ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉ.सरवर इकबाल ने बताया कि उन्हें सीएमओ का अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।