फर्रुखाबाद। मारपीट कर पत्नी को छत से फेंकने के मामले में शहर कोतवाली में निलंबित दरोगा, उसकी मां व फाल्वर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। दरोगा व उसकी मां से पत्नी ने खुद को बच्चों को जान का खतरा बताया है। इसी मामले में एसपी दरोगा को निलंबित कर चुकी हैं।
जनपद बरेली थाना इज्जतनगर आशुतोष सिटी निवासी साधना देवी ने शहर कोतवाली में अपने पति पुलिस लाइन के निलंबित दरोगा विवेक कुमार सिंह, सास राजबाला देवी व फाॅलोअर नीरज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें कहा कि दरोगा पति व सास आएदिन उसे व उसके बच्चों को गाली-गलौज, मारपीट कर परेशान करते हैं। पति विवेक कुमार व सास राजबाला देवी ने उनके घर पर खाना बनाने वाले नीरज से षड्यंत्र के तहत फोन कर कहा कि फर्रुखाबाद कमरे पर आओ बात करेंगे। इससे 22 जनवरी को वह बरेली से बस से आकर कमरे पर पहुंची। पति से बातचीत के दौरान नीरज वहां से चला गया। इसके बाद पति ने गालीगलाैज करते हुए जूता, चप्पल से मारपीट शुरू कर दी। कहा कि आज जिंदा नहीं छोड़ूंगा। मैं दरोगा हूं और मेरे हाथ में कानून है। पति ने सास को भी फोन कर कहा कि आज इसे जिंदा नहीं छोड़ूंगा और उसके बाल पकड़कर सिर दीवार पर मारा। पहली मंजिल की खिड़की से उसे बाहर धक्का दे दिया। छत से गिरने से वह काफी देर चिल्लाती रही, लेकिन पति उसे उठाने भी नहीं आए। सूचना पर थानाध्यक्ष व सीओ सिटी ने उसे अस्पताल पहुंचाया।गंभीर हालत में डॉक्टर से उसे बरेली रेफर कर दिया। अभी वहां इलाज चल रहा है। उसकी कई जगह हड्डियों में फ्रेक्चर है। पति लगातार फोन कर उसे जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। पति पर सास का संरक्षण रहता है। अपने व बच्चों के साथ कोई अनहोनी होने पर पति व सास को जिम्मेदार ठहराया है। दरोगा बदायूं जनपद के रहने वाले थे। शहर कोतवाल ने बताया कि दरोगा की पत्नी की तहरीर पर दरोगा विवेक कुमार सिंह सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना रेलवे रोड चौकी प्रभारी को सौंपी गई है।