मानसून की दस्तक के साथ ही प्रशासन ने बाढ़ राहत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजेपुर और अमृतपुर में बाढ़ से बचाव के इंतजाम लगभग पूरे कर लिए गए हैं। 13 बाढ़ शरणालय, 31 बाढ़ चौकियां और छोटी-बड़ी 40 नाव की व्यवस्था कर दी गई है। राजेपुर और अमृतपुर में हर साल बाढ़ की चपेट में करीब 172 गांव आते हैं।
मानसून आते ही गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने राजेपुर और अमृतपुर क्षेत्र में 13 बाढ़ शरणालय, 31 बाढ़ चौकियां और छोटी-बड़ी 40 नाव का इंतजाम कर दिया है।
बाढ़ चौकियों और बाढ़ शरणालयों में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएंगी। इसके लिए कर्मचारियों का ड्यूटी चार्ट तैयार किया जा रहा है। करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा गांव गंगा और रामगंगा के किनारे बसे हैं। यह जल्द ही बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
तहसीलदार आरपी चौधरी ने बताया कि बाढ़ आने पर जहां आवश्यकता होगी, वहां पर नाव चलाई जाएंगी। शरणालयों और बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने के लिए ड्यूटी चार्ट बनाया जा रहा है। शरणालयों में रुकने वाले बाढ़ पीड़ितों को मुफ्त भोजन, मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत बाढ़ पीड़ितों को नहीं होने दी जाएगी।