भारत साक्षर मिशन योजना के तहत लोक शिक्षा केंद्रों के लिए खरीदी गई सामग्री का सत्यापन करने पहुंचे अफसरों को गड़बड़ी मिली। कोई भी सामग्री ठेकेदार के द्वारा दिए गए नमूने पर खरी नहीं उतरी। सामग्री घटिया किस्म की दी गई, इसकी पोल सत्यापन के दौरान खुलकर सामने आ गई।
बीएसए ने सामग्री की सूची तैयार कर सप्लाई करने वाली फर्म को वापस लेने के लिए भेज दी है। जिले में 506 लोक शिक्षा केंद्रों के लिए भारत साक्षर मिशन योजना के तहत 18 प्रकार की सामग्री सप्लाई का दो फर्मों को ठेका दिया गया था। एक फर्म को छोटी सामग्री और दूसरे फर्म को बड़ी सामग्री सप्लाई का ठेका हुआ था।
यह ठेका लगभग 39 लाख रुपये का उठाया गया था। सप्लाई फर्मों के ठेकेदारों ने घटिया किस्म की सामग्री ब्लाक लोक शिक्षा केंद्रों पर पहुंचाई। इसकी शिकायत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह, वरिष्ठ लेखाधिकारी श्रीनिवास शुक्ल, डीपीआरओ ग्रीश चंद्र ने कमालगंज ब्लाक और मोहम्मदाबाद बीआरसी पर पहुंच कर सामग्री का सत्यापन किया।
सत्यापन के दौरान दरी का नमूने से मिलान किया गया। इसकी लंबाई कराई गई तो वह छोटी निकली। लोहे के बक्से के कुंडे कमजोर मिले। पेंसिल, कटर, रबर जिस कंपनी की सप्लाई किए जाने का ठेकेदार ने दावा किया था, यह उस कंपनी का नहीं था। वॉटर कूलर भी घटिया किस्म का निकला।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि सामग्री सप्लाई का जिन फर्मों को काम दिया गया था, उन फर्मों की ओर से दिए गए नमूने से सप्लाई की गई सामग्री का मिलान किया गया। अधिकांश सामग्री घटिया किस्म की पाई गई है। यह सामग्री नमूने से नहीं मिली। इसकी सूची तैयार कर ली गई है। ठेकेदार को सामग्री वापस लिए जाने के लिए पत्र भेज दिया है।