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फतेहपुर के शीतगृहों पर आलू किसानों का डेरा

Thu, 17 Mar 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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स्टेशन पर खड़ी रैक - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। बड़े व्यापारियों और रेलवे की साठगांठ से जिले के आलू किसान छले जा रहे हैं। उन्हें आलू बाहर भेजने के लिए रैक नहीं मिल पा रही हैं, जबकि व्यापारियों की रैक तुरंत बुक हो जाती है, वह भी नियम विरुद्ध ढंग से। कायदे से एक व्यापारी को एक रैक ही मिल सकती है लेकिन यहां एक व्यापारी तीन-तीन रैक बुक करा ले रहा है।
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गत दिसंबर में आलू के रेट कम होने पर व्यापारियों ने तीन रैक फतुआ के लिए भेजी थीं। जनवरी में यहां से एक भी रैक रवाना नहीं की जा सकी। फरवरी में पश्चिम बंगाल के लिए एक रैक रवाना की गई, जिसमें किसानों का एक आलू भी नहीं भेजा गया। आलू किसान वृंदावन मिश्र ने इसकी शिकायत रेल मंत्रालय को भेजी, पर सुनवाई नहीं हुई।

आलू किसान और मंडी समिति सातनपुर के प्रधान मुनेश्वर सिंह उर्फ मुन्नू सिंह आलू आढ़ती का काम भी करते हैं। उनका कहना है कि किसान अपना आलू बाहर भेजने के लिए जब रैक बुक कराने गए तो पता चला कि 7 मार्च को बीजे गुप्ता, कृष्ण कुमार के नाम एक-एक रैक बुक है। इसके अलावा सुशील गुप्ता के नाम तीन रैक बुक दिखाई गई हैं। केवल सुशील कुमार गुप्ता का पता पिलिया अहमदगंज मऊदरवाजा दिखाया गया है। अन्य किसी का पता नहीं दिखाया गया है। इतना ही नहीं सुशील गुप्ता के नाम बुक एक अन्य रैक यहां 12 मार्च को आकर 13 मार्च को रवाना होनी चाहिए थी, पर यह आई 15 मार्च की रात और अभी तक लोड नहीं हुई है।
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सुधीर शुक्ल का कहना है कि एक रैक रवाना होने पर ही दूसरी आती है। व्यापारी रैक को कई दिन तक खड़ी रखते हैं। बाद में यूं ही रवाना कर देते हैं, ताकि किसानों को रैक न मिल सके और उन्हें अपना आलू व्यापारी के हाथ औने-पौन दामों में बेचना पड़े। वृंदावन मिश्र का कहना है कि जब तक ये पांच रैक यहां लगेंगी, तब तक गर्मी की वजह से आलू रुक नहीं पाएगा और किसानों को इसे सस्ते दामों में व्यापारी के हाथ बेचना पड़ेगा।

जिले में किसानों के पास करीब एक लाख मीट्रिक टन बच गया है। इसे बाहर बेचने के लिए भेजना चाहते हैं लेकिन रैक की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। किसानों को आलू बाहर भेजने के लिए रैक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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-जितेंद्र सिंह चौहान (निरीक्षक आलू विभाग)
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बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के रैक लोड करके रवाना नहीं की जा सकती है। इसी वजह से 15 मार्च को आई रैक यहां खड़ी है। फिटनेस के बाद ही रैक भेजी जाएगी।
-उमाशंकर कौशिक (प्रबंधक, रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद)
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