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आंधी व ओलावृष्टि से खरबूजा, तरबूज व सब्जी की फसल बरबाद

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फर्रुखाबाद। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। उम्मीदों से भरी लहलहाती खरबूजा, तरबूज व सब्जी की फसल नष्ट हो गई। पाली हाउस क्षतिग्रस्त होने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। इससे किसान बरबाद हो गए।
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मोहम्मदाबाद के गांव करनपुर मजरा बांसमई निवासी प्रवीन ने दिल्ली से व्यापार छोड़कर गांव में खेती से तरक्की की राह अपनाई। उन्होंने पांच बीघे में 15 लाख रुपये की लागत से पाली हाउस बनाया। उन्होंने अपने पाली हाउस में बीज व पौध तैयार कर अगाही फसल लगाई थी। उन्होंने 20 बीघा खरबूजा, पांच बीघा तरबूज, 10 बीघा तोरई, पांच-पांच बीघा कद्दू व लोबिया, तीन-तीन बीघा खीरा व मिर्च, दो बीघा कुम्हेड़ा की फसल लगाई। इन फसलों में पांच लाख से अधिक लागत आयी। लहलहाती फसल इतनी अच्छी थी कि सपनों के बाजार सज रहे थे। रविवार शाम आंधी के साथ बारिश व ओलावृष्टि फसलों पर कहर बनकर टूट पड़ी। इससे पाली हाउस और फसलें तहस-नहस हो गईं। प्रवीन ने बताया कि बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि ने उन्हें बरबाद कर दिया। बाजार में फसल से करीब 25 लाख की कमाई की उम्मीद थी, जो अब किसी भाव की नहीं रही। खरबूजा, तरबूज, तोरई के फल टूटने के साथ नार भी टूट गए। इससे अब आगे भी इनमें फसल आने की उम्मीद नहीं है। वहीं कमालगंज के गांव श्रंगीरामपुर निवासी राहुल पाल विदेश से नौकरी छोड़कर टिश्यू कल्चर लैब लगाकर आलू आदि का बीज तैयार कर रहे हैं। आंधी में जाल आदि टूट गया। उन्हें करीब चार लाख का घाटा होगा। बताया कि कि आम की फसल में 50 फीसद का नुकसान हुआ है। वहीं खरबूजा, तरबूज व सब्जी में 40 फीसदी नुकसान हो गया।
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