परिजन ने हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। कुछ ही देर में परिजन ने शव उठाकर शराब ठेका के सामने रख दिया। परिजन व ग्रामीण गांव से ठेका हटाने और सेल्समैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बीच पुलिस ने समझाने का प्रयास किया पर वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
महिला को पकड़ कर ले जाती पुलिस।
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दोपहर करीब पौन बजे पुलिस ने महिलाओं को जबरदस्ती हटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए वाहन में रखकर भेज दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस कर्मी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। ग्रामीणों ने पुलिस व लेखपाल आशीष यादव की कार के शीशे तोड़ दिए। कादरीगेट थानाध्यक्ष की कार को खड्ड में पलट दी। यह देख अमृतपुर सीओ ने पांच थानों के साथ पुलिस लाइन से फोर्स को बुला लिया।
इसके बाद पुलिस ने लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। कुछ महिलाओं सहित 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि एसओ राजेपुर सहित चार पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर पथराव किया है। प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गाँव में तैनात पुलिसबल
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पुलिसकर्मियों सहित यह लोग हुए घायल
थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह, रोडवेज चौकी इंचार्ज कपिल कुमार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों के सिर पर गंभीर चोट होने से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। स्थिति खतरे से बाहर है। इसके अलावा राजेपुर थाने के सिपाही विष्णु के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। कादरीगेट थाने के सिपाही अक्षय कुमार के हल्की चोट होने से उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा पत्थर लगने से चुटहिल हो गईं। इसके अलावा चाचूपुर के सविता, अमर सिंह, श्रीदेवी व कावेश घायल हुए हैं।