संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र के फर्जीवाड़े से बा विद्यालय में वार्डन की नौकरी पाने वाली निधि गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निधि गुप्ता को भी मास्टर माइंड ने कायमगंज बा विद्यालय में नौकरी दिलाई थी।
शासन के आदेश पर बा विद्यालय के शिक्षक व कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच हुई थी। कायमगंज के कुबेरपुर स्थित बा विद्यालय की वार्डन निधि गुप्ता ने अभिलेखों की जांच नहीं कराई। उनके अभिलेखों की विभाग में जमा फोटो कापी से सत्यापन कराया गया तो तब पता चला था कि ब्लाक बढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय गंगादरवाजा में तैनात शिक्षिका निधि गुप्ता पुत्री विष्णु कुमार गुप्ता के शैक्षिक अभिलेख लगाकर वार्डन निधि गुप्ता ने नौकरी पाई थी। टीईटी में नाम तो निधि गुप्ता का था, लेकिन ऑनलाइन सत्यापन कर बार कोड से हुई जांच में वह टीईटी अनामिका शुक्ला की निकली थी। कूटरचित तरीके से फर्जी अभिलेख तैयार कर निधि गुप्ता ने वार्डन पद पर नौकरी पाई थी
। बीएसए ने करीब 15 दिन पूर्व वार्डन निधि गुप्ता की संविदा समाप्त कर दी थी। अब प्रभारी डीसी बालिका शिक्षा रिचा यादव ने कायमगंज कोतवाली में फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी पाने के मामले में वार्डन रही निधि गुप्ता पुत्री विष्णु कुमार गुप्ता निवासी ग्राम नगला खरा मैनपुरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वार्डन निधि गुप्ता के भी मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र उर्फ सुशील कुमार कौशल से तार जुड़े थे। बा विद्यालय में मौजूद आगंतुक रजिस्टर में भी मास्टमाइंड पुष्पेंद्र की सुशील कुमार के नाम एक बार एंट्री है। पुष्पेंद्र ने काफी हुज्जत के बाद रजिस्टर में एंट्री की थी। बताया गया वहां कुछ शिक्षिकाओं ने उसके मेल जोल पर एतराज किया था। तब मास्टर माइंड का आना जाना बंद हुआ था।
मुनीम से हुई लूट में मैनपुरी के बदमाश निशाने पर
मोहम्मदाबाद। अलीगंज के भाजपा विधायक के मुनीम से हुई 3.20 लाख रुपये की लूट के मामले में मैनपुरी के बदमाश होने की आशंका है। पुलिस घटनास्थल के आसपास इस्तेमाल किए गए मोबाइलों की काल डिटेल खंगाल रही है।
जनपद एटा के अलीगंज क्षेत्र के विधायक सत्यपाल सिंह के मुनीम मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव सिठौली निवासी दिनेश से सोमवार को धीरपुर-पखना मार्ग पर बदमाशों ने तीन लाख 20 हजार रुपये लूट लिए थे। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की शक की सुई मैनपुरी के बदमाशों पर टिकी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की डिटेल निकलवाकर जांच करने में जुटी है। पुलिस कुछ अन्य बिंदुओं पर भी काम कर रही है।