अपराधी किस्मत का शव रखकर ग्रामीणों ने मंगलवार को बहोरिकपुर में सड़क जाम कर दिया। वे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे डीएम एवं एसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा देकर करीब दो घंटे बाद रास्ता खुलवाया।
हालांकि देर शाम लापरवाही के आरोप में जहानगंज थाने के चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की जांघ में फंसा 38 बोर रिवाल्वर का बुलेट मिला है, जो प्रतिबंधित बोर है। इस बोर का लाइसेंस सिविल को नहीं मिलता है। किस्मत की मौत पेट में गोली लगकर जांघ तक पहुंचने की बात कही गई है।
पीएम रिपोर्ट में पांच-छह फीट दूर से गोली मारना बताया गया है।
मालूम हो कि न्यामत नगर भड़ौसा निवासी अपराधी किस्मत की सोमवार दोपहर बाद गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक के भाई ने दो सिपाही की वर्दी में आए लोग एवं पांच सादे ड्रेस में आने वालों के खिलाफ गोली मार कर हत्या करने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मंगलवार को पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन किस्मत के शव को लेकर बहोरिकपुर पहुंचे तो गांव के लोग आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित हो गए। उन्होंने गांव में ही छिबरामऊ- फर्रूखाबाद मार्ग जाम कर दिया।
बवाल बढ़ता देख पूरे जिले की फोर्स बुला ली गई। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार और एडीएम आरबी सोनकर ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। करीब दो घंटे तक रास्ता जाम रहने के बाद जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु और एसपी सुभाष सिंह बघेल जहानगंज थाने पहुंचे।
वहां मृतक के भाई इरफान को बुलाक बात की। इरफान ने आरोप लगाया कि जहानगंज थाने का एक दारोगा और दो सिपाही भी दबिश देने गए थे। उन्होंने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इस पर एसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस पर ग्रामीण मान गए और रास्ता खोल दिया। देर शाम एसपी ने जहानगंज थाने के सिपाही राजकुमार, मयंक, रमेश कुमार एवं अंकित को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया।