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अजब-गजब: कायमगंज के नाम पर निकाले फर्रुखाबाद के टेंडर

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फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों के टेंडर ऑनलाइन करने की शासन की मंशा को अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। यहां रणनीति बनाकर खेल शुरू हो गए हैं। ऑनलाइन 31 टेंडरों को ई टेंडर यूपी की वेबसाइट पर कायमगंज के नाम से दर्शाया गया है। टेंडर निकालने और निविदा डालने में मात्र छह दिन का समय दिया है। तीन दिन बैंकें बंद हैं। खेल करने वालों ने चहेते ठेकेदारों को पहले से ही तैयारी करा दी थी।
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नगर पालिका परिषद ने ‘ई-टेंडर.यूपी.एनआईसी.इन’ पर 20 फरवरी को वार्ड 12 में न्यू वनखड़िया कालोनी के विश्वनाथ के मकान से श्रीदेवी के मकान तक इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण और वार्ड 41 में गली मुरीद खान के बेंचेलाल बगिया से कब्रिस्तान इंटरलॉकिंग रोड एवं नाली निर्माण के नाम से करीब 31 कामों के टेंडर अपलोड किए।
फर्रुखाबाद नगर पालिका के इन कार्यों को नगर पालिका परिषद कायमगंज के नाम से अपलोड किया गया। 21 को महाशिवरात्रि, शनिवार और रविवार बैंकों का अवकाश है। टेंडर डालने का समय भी मात्र 24 फरवरी दोपहर 12 बजे तक का ही दिया गया है। ऐसे में इतने कम समय में ठेकेदार टेंडर कैसे डालें इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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कमाल तो यह है कि इन टेंडरों को नप फर्रुखाबाद की वेबसाइट पर अपलोड ही नहीं किया गया। न तो नोटिस बोर्ड पर इनका उल्लेख किया गया है। पालिका के टेंडरों में खेल शुरू होने के बाद से कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों में विरोध के स्वर फूटने शुरू हो गए हैं। एक गुट इस खेल को शासन तक ले जाने की जुगत में जुट गया है।
चार करोड़ रुपये के हैं काम
पालिका ने नियमों को ताक पर रखकर करीब चार करोड़ रुपये के काम निकाले हैं। नियमों को ताक पर रखकर किये जा रहे इस कार्य को लेकर कोई भी सभासद आवाज नहीं उठा रहा है। जबकि ईओ रश्मि भारती के खिलाफ लंबा आंदोलन किया गया था। इससे सभासदों पर भी उंगली उठनी शुरू हो गई है।
सीसीटीवी के सामने से हटवाया निविदा बॉक्स
शासन की मंशा के अनुरूप पहले व्यवस्था थी कि ठेकेदारों को निविदा डालने के लिए सीसीटीवी कैमरे के सामने रखे बॉक्स तक जाना पड़ता था। अब इस बॉक्स को वहां से हटाकर निर्माण में रखवाया गया है। ताकि अपने हिसाब से खेल किया जा सके।
‘मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। यदि कोई गलती हुई है, तो उसकी जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। हां टेंडर निकालने और निविदा डालने में पांच दिन का समय होना चाहिए। यह भी दिखवाएंगे।’
-वत्सला अग्रवाल, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, फर्रुखाबाद।
‘इसमें कोई गलत नहीं है। मेरी नियुक्ति कायमगंज में है। कंपिल व फर्रुखाबाद का अतिरिक्त कार्यभार है। तो कायमगंज की आईडी से ही टेंडर अपलोड किए गए हैं। इसलिए वह कायमगंज से साइट पर दिख रहे हैं। मगर जब उसे खोला जाएगा, तो फर्रुखाबाद ही शो करेगा।’
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- सीमा तोमर, प्रभारी ईओ, नगर पालिका फर्रुखाबाद।
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