फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद महोत्सव के दौरान आयोजित फर्रुखाबाद संसद में जमकर हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष ने माइक फेंका तो मेजें भी पलट दीं। हंगामे के बीच आलू का मुद्दा उठाया गया। विपक्ष के लोगों ने मांग की कि जिले में आलू आधारित उद्योग लगाया जाए। इससे पहले आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मेलन में सेनानियों और उनके वंशजों को सम्मानित किया गया।
पटेल पार्क में चल रहे फर्रुखाबाद महोत्सव में दोपहर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान सूचना एवं जन संपर्क विभाग लखनऊ से आए हरीओम पपेट की टीम ने देशभक्ति गीत, नाटक और लोक गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। आल्हा सम्राट मुन्ना लाल राठौर ने आल्हा प्रस्तुत किया।
इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. कैसर खां, महेशचंद्र शुक्ल, जयपाल सिंह, यतींद्रदत्त शुक्ल, भाष्करानंद शुक्ल, रामशरन सक्सेना, सतीशचंद्र सक्सेना और महेशचंद्र गुप्ता आदि को माल्यार्पण कर और शाल उढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह, गिरीश दुबे, चंद्रप्रकाश दीक्षित, सुधींद्र कुमार सिंह, रनविजय सिंह, अध्यक्ष डा.रामकृष्ण राजपूत, उर्मिला राजपूत, नीरज शुक्ल, रामप्यारी, कन्हैयालाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संचालन दीपिका त्रिपाठी ने किया।
इसके बाद फर्रुखाबाद संसद का आयोजन किया गया। फर्रुखाबाद संसद में पक्ष में प्रधानमंत्री जवाहर सिंह गंगवार व मंत्री अजीत सिंह, मीरा सिंह, राममुरारी शुक्ल, दिवाकरनंद दुबे, निमिष टंडन, संजय गर्ग, रमलाराठौर और सुमन राठौर आदि तथा विपक्ष में नेता विरोधी दल अनिल मिश्र, लक्ष्मण सिंह, योगेंद्र यादव, सौरभ शुक्ल, विक्रांत अवस्थी, गौतम कुमार, राज गौरव पांडेय आदि रहे।
विपक्ष के लोगों ने आलू का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिले में आलू आधारित उद्योग न लगे होने के चलते आलू की दुर्दशा हो रही है। लक्ष्मण सिंह ने मैलानी-शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। इसके अलावा गंगा प्रदूषण, बिजली, जाम आदि की समस्याएं भी उठीं। फर्रुखाबाद संसद के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विरोध में माइक फेंका गया तो मेजें भी पलट दी गईं।