विधानसभा चुनाव की मतगणना शनिवार को सातनपुर मंडी समिति में अर्द्धसैनिक बलों, पीएसी व पुलिस के साए में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। मोदी लहर में पूरे जिले की चारों सीटों पर केसरिया झंडा फहरा।
सपा का सूपड़ा पूरी तरह साफ हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस फोर्स डटा रहा। यहां पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा।
अमृतपुर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी सुशील कुमार शाक्य ने 93502 वोट पाकर जीत हासिल की। उन्होंने पूर्व मंत्री एवं निवर्तमान सपा विधायक नरेंद्र सिंह यादव को 40507 वोटों से हराया। सदर विधानसभा में पर भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने 93626 वोट पाकर जीत हासिल की।
उन्होंने बसपा प्रत्याशी मो. उमर खां को 45427 वोटों से हराया। भोजपुर में भाजपा प्रत्याशी नागेंद्र सिंह राठौर 93673 वोट पाकर विधायक बने। उन्होंने निवर्तमान सपा विधायक के पुत्र सपा प्रत्याशी अरशद जमाल सिद्दीकी को 34877 वोटों से हराया। कायमगंज विधानसभा में यहां पर भाजपा प्रत्याशी अमर सिंह खटिक ने 116304 वोट पाकर ऐतिहासिक सफलता पाते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने सपा प्रत्याशी डॉ. सुरभि को 36525 वोटों से पराजित किया
मंडी समिति में सुबह आठ बजे से मतगणना का कार्य शुरू हुआ। प्रेक्षक के साथ ही डीएम प्रकाश बिंदु, एसपी सुभाष सिंह बघेल की मौजूदगी में पहले पोस्टल बैलेट पेपरों को गिना गया। इसके बाद ईवीएम मशीनों की गणना शुरू हुई। मंडी परिसर के अंदर कड़ी सुरक्षा के बाद प्रत्याशी व उनके एजेंटों को प्रवेश दिया गया।
सबसे पहले अमृतपुर, फिर कायमगंज, उसके बाद फर्रुखाबाद सदर व अंत में भोजपुर के परिणाम सामने आए। विजयी प्रमाणपत्र देने के बाद विधायकों को कड़ी सुरक्षा घेरे में उनके घर तक भेजा गया।
मतगणना के दौरान जैसे-जैसे रुझान आते रहे वैसे-वैसे भाजपाइयों की संख्या बढ़ती गई और सपाई व बसपाई खिसकते गए। घोषित नतीजों में फर्रुखाबाद सदर में भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, अमृतपुर में सुशील शाक्य, कायमगंज में अमर सिंह खटिक और भोजपुर में नागेंद्र सिंह राठौर जीतकर विधायक बने।
दोपहर बाद 20 राउंड की गणना के बाद सदर में मेजर सुनील दत्त के आगे निकलने पर उत्साही समर्थक मंडी के अंदर घुस गए और नारेबाजी करने लगे। उस वक्त मुख्य गेट पर लगे सुरक्षा कर्मी इधर-उधर सुस्ता रहे थे। मतगणना स्थल के निकट पहुंच रहे भाजपाइयों को रोकने के लिए एपी समेत अन्य अफसर भागकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद भीड़ को लाठियां पटककर खदेड़ा गया।