फर्रुखाबाद। प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद के जिले में होने के बाद भी लोहिया अस्पताल में व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं। शुक्रवार को अस्पताल में जो हालात दिखे उससे तो यही प्रतीत हुआ कि अस्पताल के जिम्मेदारों को मंत्रीजी का खौफ नहीं है। अस्पताल के वार्डों में कई बेडों पर जर्जर गद्दे पड़े मिले।
आइसोलेशन, जनरल वार्ड, टीबी वार्ड में आठ बेडों से गद्दे गायब थे। एक महिला और पुरुष मरीज से आ रही बदबू को छिपाने के लिए दोनों को दूसरी मंजिल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। मरीज भी जमीन पर बैठे दिखे।
लोहिया अस्पताल में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के निरीक्षण को लेकर कई दिन से तैयारियां चल रही हैं। गनीमत रही कि मंत्री लोहिया अस्पताल नहीं पहुंचे। शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड और एक्सरे रूम के बाहर मरीजों की भीड़ डटी रही।
सुबह 11 बजे अल्ट्रासाउंड की पर्ची जमा हो चुकी थीं, जबकि एक्सरे एक कर्मचारी ही कर रहा था। बरामदे में स्ट्रेचर और जमीन पर 50 से अधिक मरीज बैठे थे। रेडियोलॉजिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियन दफ्तर में कागजी काम निपटा रहे थे।
महिला अस्पताल की सीबीसी मशीन खराब
डॉ. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल की लैब में लगी कंपलीट ब्लड काउंड (सीबीसी) मशीन शुक्रवार सुबह खराब हो गई। मशीन ने नमूना लेना बंद कर दिया। सुबह के वक्त लिए गए करीब 50 नमूनों की जांच नहीं हो सकी। लैब टेक्नीशियन उपेंद्र पांडेय ने संबंधित कंपनी के इंजीनियर को सूचना दी। दोपहर करीब दो घंटे तक ऑनलाइन मरम्मत कराने का प्रयास चलता रहा, मगर सफलता नहीं मिली। इससे मरीजों की सीबीसी जांच पुरुष अस्पताल की लैब से करानी पड़ी। (संवाद)
चंद मिनट में निरीक्षण कर चली गईं सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी गेट से अंदर पहुंची। सीधे पहली मंजिल पर स्थित ऑपरेशन थिएटर की गैलरी में गईं। बाहर से ही जनरल वार्ड देखते हुए एसएनसीयू वार्ड में दो मिनट रुकीं। इसके बाद इमरजेंसी कक्ष में एक कर्मचारी से व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। बमुश्किल 10 मिनट में ही निरीक्षण की औपचारिकता निभाकर चली गईं। इसके बाद सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त उन्हें देखने पहुंचे।