फर्रुखाबाद। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 390 जांबाजों ने शनिवार को देश सेवा की शपथ ली और इसी के साथ वह सेना के अंग बन गए। जवानों ने मार्च पास्ट कर ब्रिगेडियर को सलामी दी। ब्रिगेडियर ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कर राजपूत रेजिमेंटल सेंटर के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया और जवानों में जोश भरा।
फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजिमेंटल सेंटर के करियप्पा मैदान में शनिवार सुबह 34 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा कर चुके 390 जवान पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। जवानों की टोलियों ने मैदान में कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया। सेंटर के ब्रिगेडियर इंद्रमोहन सिंह परमार ने जीप में खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया। सभी टोलियों ने बैंड बाजे की धुन के साथ सलामी दी।
ब्रिगेडियर ने जवानों को कर्तव्य और निष्ठा के साथ रेजिमेंटल सेंटर का नाम रोशन करने की शपथ दिलाई। कहा कि पासिंग आउट परेड सैनिक के जीवन का महत्वपूर्ण दिन होता है। इस परेड के बाद उसका सैनिक जीवन प्रारंभ होता है।
उन्होंने देश की सेवा व रेजिमेंटल सेंटर का नाम रोशन करने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को याद किया और उन्हें नमन किया। सेना का अंग बनने के बाद जवान खुशी से झूम उठे। उन्होंने अपने परिजनों के साथ प्रशिक्षण के अनुभव साझा कर फोटो खिंचवाए। परेड के दौरान भी परिजन अपनों की फोटो खींचते रहे।
तीन जवानों को बेहतर प्रदर्शन के लिए किया गया सम्मानित
ब्रिगेडियर इंद्रमोहन सिंह परमार ने प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवान मनोज कुमार को प्रथम, अरविंद कुमार को द्वितीय और शत्रुघ्न को तृतीय पुरस्कार दिया गया।