गांव अमेठी जदीद में बहता कारखानों का केमिकल युक्त पानी। संवाद
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फर्रुखाबाद। कपड़ा छपाई के कारखाने से केमिकल वाला पानी गंगा में गिराया जा रहा है। गंगा प्रदूषित होने का दर्द अमेठी जदीद को मोहम्मद रफीक से नहीं देखा गया। उन्होंने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से शिकायत की थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता जांच के लिए पहुंचे तो खानपुर के चार व अमेठी जदीद के दो छपाई कारखाने गंगा में केमिकल वाला पानी बहाते मिले। सिटी मजिस्ट्रेट ने संचालकों को नोटिस देकर इन कारखानों को सील करने की बात कही है।
अमेठी जदीद गांव के मो.रफीक ने पहले कोतवाली में शिकायत की। वहां सुनवाई नहीं हुई तो 12 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। इसमें बताया था कि उनके घर के पास कई लोगों ने अवैैध रूप से कपड़ा छपाई के कारखाने लगा रखे हैं। इन कारखानों का केमिकलयुक्त पानी रास्ते व नालों के जरिये गंगा में गिराया जा रहा है। केमिकल युक्त पानी से गंगा का जल प्रदूषित हो रहा है। रास्ते पर जलभराव से लोगों को मंदिर जाने में दिक्कत हो रही है। पानी से निकलने से बच्चों के पैरों में छाले पड़ रहे हैं।
शासन ने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को जांच कराने के आदेश दिए। शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता फरेश कुमार ने अमेठी जदीद पहुंचकर नाले की जांच। नाले और रास्ते पर कारखानों का केमिकलयुक्त पानी बहता मिला। ये पानी गंगा में गिर रहा है।
अवर अभियंता ने बताया कि केमिकलयुक्त पानी बहाने वाले खानपुर के चार व अमेठी जदीद के दो कपड़ा छपाई कारखाने चिह्नित किए गए हैं। जांच रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य ने बताया कि कपड़ा छपाई कारखाने सील कराकर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।