फर्रुखाबाद। जिला अस्पताल का निरीक्षण करने गए सीडीओ को सुबह आठ बजे ओपीडी में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। सीएमएस भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे। सीटी स्कैन कक्ष भी बंद था और परिसर में गंदगी पसरी थी। सीडीओ ने फोन कर सीएमएस को बुलाया और उनसे जवाब तलब कर सुधार करने की हिदायत दी। कई दिन से लापता दो डॉक्टरों व चार कर्मचारियों का वेतन काटने और देरी से आने वालों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने दोनों अस्पतालों के रजिस्टर कब्जे में ले लिए।
सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैंसिया गुरुवार सुबह आठ बजे लोहिया अस्पताल पहुंच गए। ओपीडी और इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। केवल दो संविदाकर्मी थे। वार्ड ब्वॉय, ओपीडी, फार्मासिस्ट, पंजीकरण समेत अन्य कमरे बंद थे। सफाई की जा रही थी। सवा आठ बजे फोन करके सीएमएस डॉ. अशोक कुमार को सीडीओ ने अस्पताल बुलाया। मरीजों ने सीडीओ को बताया कि डॉक्टर और स्टाफ नौ बजे तक आता है।
महिला अस्पताल में डॉ. नमिता दास और डॉ. सुनील अग्रवाल 16 फरवरी से नहीं आ रहे हैं। अन्य डॉक्टर भी देर से पहुंचे। अनुपस्थित डॉक्टरों का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। स्वास्थ्यकर्मी सौरभ सक्सेना व अनुराग 17 फरवरी से, दिव्या सक्सेना 12 फरवरी से और रोहन 15 फरवरी से अस्पताल नहीं आए हैं। चारों का अनुपस्थित के दिनों का वेतन काटने के निर्देश भी दिए गए हैं।
देरी से अस्पताल पहुंचे चीफ फार्मासिस्ट ब्रजेश कुमार, वरिष्ठ नेत्र परीक्षण अधिकारी शिवकुमार, एक्सरे टेक्नीशियन यूपी सिंह, लैब टेक्नीशियन सोनू भदौरिया, डीआरए पवन कुमार, वार्ड आया ममता रानी, शकुंतला एवं निर्मला, स्टाफ नर्स निशा, रीता एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मी रविंद्र प्रताप से सीडीओ ने बंद कमरे में जवाब तलब किया। सीडीओ ने सीएमएस को सुधार करने के निर्देश दिए।
एनआरसी वार्ड को नीचे शिफ्ट करने के निर्देश
पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) वार्ड के निरीक्षण में एक बच्चा भर्ती मिला। कहा कि कुपोषित बच्चों को लाने में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुचि नहीं ले रही हैं। सीडीओ ने एनआरसी को भूतल पर बने फिजियोथेरेपी यूनिट और औषधि वितरण कक्ष में शिफ्ट करने को कहा। फिजियोथेरेपी यूनिट को कक्ष संख्या 29, 30, 31 में तथा औषधि वितरण केंद्र को कक्ष संख्या 36 में शिफ्ट करने को कहा। बताया कि छोटे बच्चों को एनआरसी में ले जाने में दिक्कत है। लिहाजा नीचे सही है।
इमरजेंसी में नहीं मिला कोई डॉक्टर
इमरजेंसी में भर्ती मरीज विश्राम ने सीडीओ को बताया कि बुधवार दोपहर को भर्ती हुए थे। कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। सीडीओ के निरीक्षण के दौरान डॉ. राजकिशोर पहुंचे। उन्होंने बताया कि रात्रि ड्यूटी थी। आठ बजे से दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी है। वह अभी आए नहीं हैं।