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चलती रही ट्रेन, रोके गये किसान, गली में सौंपा ज्ञापन

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फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर फोर्स के साथ मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रेन रोकने की तैयारी कर रहे किसानों और किसान नेता को प्रशासन ने घर के बाहर नजर बंद कर लिया। पुलिस ने किसानों को रेलवे स्टेशन नहीं जाने दिया। गली में ही करीब 15 मिनट धरना प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर किसानों को लौटा दिया। किसान नेता के घर के बाहर शाम तक पुलिस तैनात रही।
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा की अगुवाई में फतेहगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म पर दोपहर 12 से शाम चार बजे तक धरना-प्रदर्शन और ट्रेन रोकने की तैयारी थी। कई किसान नेता और किसान फतेहगढ़ के मोहल्ला शिवाजी कालोनी स्थित प्रभाकांत के आवास पर जमा हो गए। करीब 12 बजे अतिरिक्त एसडीएम सुनील कुमार यादव, सीओ सिटी राजवीर सिंह, फतेहगढ़ कोतवाल जय प्रकाश पाल फोर्स के साथ प्रभाकांत के घर पर पहुंच गए। सीओ ने प्रभाकांत से ज्ञापन सौंपने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। प्रभाकांत मुख्य मार्ग तक चलकर ज्ञापन देने पर अड़ गए। इस पर उन्हें गली में 50 मीटर तक जाने की छूट दे दी गई। 12.15 बजे प्रभाकांत ने गली में अतिरिक्त एसडीएम को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने के बाद अधिकारी लौट गए लेकिन उमाकांत के घर के बाहर फोर्स तैनात रहा। किसानों को भी घर भेज दिया गया।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री से तीनों कृषि कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून के दायरे में लेने, किसान सम्मान निधि 24 हजार करने, किसानों का कर्ज माफ करने व देश में एक समान बिजली दर करने की मांग की गई है। भाजपा सरकार में किसानों का शोषण होने का भी आरोप लगाया गया है। ज्ञापन देने वालों में मुकेश शर्मा, सत्यराम राजपूत, राजेश कुमार, तारा देवी, कुसुमलता शर्मा, साधना चौहान, मनोरमा, गुड्डी शर्मा, अनिल कुमार आदि शामिल रहे।
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किसान नेताओं को झेलना पड़ा विरोध
शिवाजी नगर में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस तैनात थी। सीओ ज्ञापन जब सौंपने की बात कर रहे थे। इसी बीच मोहल्ले के पूर्व सैनिक ने किसान नेताओं से कहा कि नेतागिरी करनी है तो सड़क पर जाओ। मोहल्ले में धरना और पुलिस फोर्स आने से माहौल खराब हो रहा है। पुलिस ने पूर्व सैनिक को समझाकर शांत कराया।
स्टेशन परिसर तक नहीं जाने दिए वाहन
किसानों के रेल रोकने की चेतावनी के चलते सुबह से ही अधिकारी और पुलिस स्टेशन पर मुस्तैद हो गई थी। स्टेशन के एक गेट को बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया था और दूसरे पर पुलिसकर्मी बेंच डालकर बैठ थे। यात्रियों को भी स्टेशन परिसर में वाहन लेकर नहीं जाने दिया गया। परिसर, प्रतीक्षालय, प्लेटफार्म और क्रॉसिंगों पर जीआरपी, आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस का पहरा रहा। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, सीओ सिटी राजवीर सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार, शहर कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय, मऊदरवाजा इंस्पेक्टर जेपी शर्मा भी नजर रखे रहे।
कायमगंज स्टेशन पर भी सतर्क रही पुलिस
कायमगंज। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पुलिस-प्रशासन सुबह चार बजे से मुस्तैद हो गया था। सीओ राजवीर सिंह गौर के नेतृत्व में प्रभारी कोतवाल एसएसआई संतोष कुमार मंडी चौकी प्रभारी आनंद शर्मा अलीगंज रेलवे क्रासिंग पर खड़े रहे। क्रॉसिंग पर चौपहिया वाहनों के अलावा ट्रैक्टर की चेकिंग की। स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी कमान संभाले रही। (संवाद)
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