फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव करथिया निवासी शातिर सुभाष की पुलिस मुठभेड़ में मौत और उसकी पत्नी रूबी की ग्रामीणों की पिटाई से दम तोड़ने के मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। गुरुवार को 6 ग्रामीणों ने बयान दर्ज कराए।
गांव करथिया निवासी शातिर सुभाष बाथम ने 30 जनवरी को 23 बच्चों को बंधक बनाकर बम से उड़ाने की धमकी दी थी। पुलिस व प्रशासन की सक्रियता के चलते सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस मुठभेड़ में सुभाष को मौत के घाट उतार दिया गया। जबकि, उसकी पत्नी रूबी की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी थी। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इससे सुभाष की तीन वर्षीय बेटी ही बची थी। सुभाष की पत्नी की मौत के मामले में अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रियल जांच एएसडीएम सुनील कुमार यादव को सौंपी गई। बुधवार को सुभाष की मां, बहन व मौसा-मौसी ने अपने बयान दर्ज कराए थे। जबकि गुरुवार को 6 ग्रामीणों ने एएसडीएम के सामने अपने बयान दिए। एएसडीएम सुनील कुमार यादव ने बताया कि 24 मार्च तक कोई भी घटना का जानकार व्यक्ति अपने बयान दर्ज करा सकता है। इसके बाद पुलिस प्रशासन से घटना के संबंध में प्रपत्र लिए जाएंगे। एफआईआर की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जीडी में दर्ज तस्करा व ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराए गए बयानों की समीक्षा होगी। इसके बाद मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।