फर्रुखाबाद। कोरोना वायरस से निपटने की सतर्कता के चलते गुरुवार को राहत आयुक्त की वीडियो कांफ्रेंसिंग होनी थी। जिले के डाक्टर व स्वास्थ्य अधिकारी कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे। इंटरनेट सेवा फेल होने से वीडियो कांफ्रेंसिंग नहीं हो सकी।
कोरोना वायरस आपदा आशंका को देखते हुए इससे निपटने को शासन के राहत आयुक्त संजय गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए सभी जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य अधिकारी व डाक्टरों को बुलाया था। इससे निर्धारित समय दोपहर एक बजे डाक्टर व अधिकारी कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे। कानपुर में बीएसएनएल की ओएफसी कटने से इंटरनेट सुविधा फेल हो गई। इससे सभी इंटरनेट आने के इंतजार में बैठे रहे। डिप्टी सीएमओ डा. राजीव शाक्य ने बताया कि बीएसएनएल केबल कटने से इंटरनेट सेवा बाधित हो गई। इससे दोपहर एक बजे से चार बजे तक होने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग नहीं हो सकी। बीएसएनएल के जीएम रमेश प्रसाद ने बताया कि ओएफसी केबल नहीं कटी थी। कानपुर में मेनलाइन पर काम चलने से कुछ देर सेवा बाधित रही थी। इसके बाद बीएसएनएल की सेवाएं सुचारू रूप से चालू कर दी गईं।
देश से या महानगर से लौटने वाले लोगों से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। विदेश जाने वाले या महानगर के सामूहिक स्थल से होकर लौटने वाले लोगों का हर किसी संपर्क होता है। इससे इन लोगों में वायरस फैलने की आशंका रहती है। ऐसे लोगों से स्थानीय व्यक्ति एक माह बचाव रखें। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में रहें।
पड़ोसी देश नेपाल जाने के लिए किसी बीजा या पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती। इससे लोग अक्सर आते-जाते रहते हैं। नेपाल में चीन सहित कई देश के सामान की बिक्री होती है। इससे यहां विदेशी लोगों का आना-जाना अधिक रहता है। स्वास्थ्य विभाग को अन्य देशों से आने लौटने वालों की लगातार सूचनाएं शासन स्तर से मिल रही हैं, लेकिन नेपाल से आने वालों की अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि नेपाल की सीमा पर कड़ी निगरानी व सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि नेपाल से किसी व्यक्ति के जिले में लौटने की कोई सूचना अब तक नहीं मिली है।