फर्रुखाबाद। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्त हुए शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराने को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे विश्वविद्यालय, संस्था, बोर्ड के लिए पत्राचार करेंगे। जिले में आवंटित नव नियुक्त शिक्षकों में से कितनों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है, कितने मामले विचार के लिए शासन को भेजे गए हैं और कितने पद रिक्त हैं, इस संबंध में बीएसए से अपर मुख्य सचिव बेसिक ने प्रमाण पत्र मांगा है।
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के तहत जिले को करीब एक हजार शिक्षक मिले थे। इसमें 948 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण इन्हें करीब चार माह से वेतन नहीं मिल रहा है। अभिलेख सत्यापन के नाम पर बीएसए कार्यालय में शिक्षकों से खेल शुरू कर दिया गया है। इसकी शिकायतें शासन तक भेजी गईं। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की समीक्षा में फर्रुखाबाद की स्थिति खराब होने पर बीएसए, वित्त एवं लेखाधिकारी व पटल लिपिकों का वेतन रोका गया है।
इसी के साथ शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराने के लिए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे शिक्षकों को वेतन शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए बीएसए की रिपोर्ट पर विश्वविद्यालय, संस्था, बोर्ड के लिए पत्राचार करेंगे और शासन स्तर से भी पत्रचार कराएंगे।
इसके अलावा अपर मुख्य सचिव बेसिक ने बीएएस से इसका भी प्रमाण पत्र मांगा है कि किन शिक्षकों की नियुक्ति कुछ कमियों के कारण नहीं हो सकी। किनके प्रकरण शासन को भेजे गए हैं व इसके अलावा कितने पद रिक्त हैं।