शहर के कादरी गेट पर झूलते जर्जर तार। संवाद
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फर्रुखाबाद। शहर की बदहालत बिजली व्यवस्था सुधर नहीं पा रही है। सबसे व्यस्त चौक व लोहाई रोड पर जर्जर बिजली के तार बांस की खपच्चियों के सहारे दौड़ रहे हैं। इससे हादसा होने का भी डर बना रहता है। साथ ही भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ती है। इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए वर्ष 2012 में बंच केबल डलवाई गई थीं। शहर के कई मोहल्लों में यह केबल तब नहीं पड़ सकी थीं। जिन मोहल्लों में नंगे तार पड़े हैं, उनकी हालत भी जर्जर हो गई है।
इन्हें भी लंबे समय से नहीं बदला गया है। इनमें शहर का सबसे व्यस्त चौक भी शामिल है। यहां जर्जर तारों से जगह-जगह बांस की खपच्चियां बंधी हैं। यही हाल लोहाई रोड का भी है। यहां भारतीय पाठशाला के पास तार झूल रहे हैं। उनके टूटने से हादसा होने का डर बना रहता है। घोड़ा नक्खाश में भी जर्जर तार झूल रहे हैं। ठंडी सड़क पर जर्जर तार आए दिन टूटते रहते हैं।
कादरीगेट पर चौकी के सामने भी पुराने तारों को खपच्चियों से सहारा दिया गया है। इसके अलावा नुनाई, विकास नगर, खटकपुरा सिद्दीकी, शेख इनायत अलीइन में भी तारों की हालत ठीक नहीं है। इनके टूटने से बिजली गुल होने के साथ हादसे का भी डर बना रहता है।
उपभोक्ता बढ़े पर नहीं सुधरीं व्यवस्थाएं
वर्ष 2012 शहर में बिजली के करीब 35 हजार उपभोक्ता थे। अब यह संख्या बढ़ 66 हजार हो गई है। इन 10 वर्षों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कुछ खास नहीं हो सका। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि जरूर कराई गई, पर जर्जर तारों की हालत नहीं सुधर सकी। उसमें जोड़ों की संख्या बढ़ने के साथ बांस की खपच्चियां भी बढ़ा दी गईं हैं।