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खाते में पैसा, अनुमोदन भी, फिर नहीं कराया काम

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फर्रुखाबाद। शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए जिला विद्युत विकास निधि खाते में 70 लाख रुपये डंप पड़े हैं। काम कराने का डीएम से अनुमोदन मिले करीब एक साल हो चुका है, विभागीय अधिकारियों ने काम कराने के लिए टेंडर नहीं निकाले हैं। इससे जर्जर लाइनें और ओवरलोड ट्रांसफार्मर निर्बाध बिजली देने में बाधक बने हुए हैं।
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बकायेदारों के कनेक्शन काट कर उनसे बिल की धनराशि वसूली के लिए आरसी जारी की जाती है। आरसी के माध्यम से जमा होने वाले धन का कुछ हिस्सा जिला विद्युत विकास निधि खाते में जमा किया जाता है। इस खाते का संचालन जिलाधिकारी और अधीक्षण अभियंता विद्युत संयुक्त रूप से करते हैं। जिला विद्युत विकास निधि खाते से शहरी क्षेत्र में 70 लाख रुपये से काम कराने के लिए वर्ष 2021 में डीएम अनुमोदन किया।
जर्जर तार बदलने, ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि करने, बंच केबल बदलने समेत अन्य काम कराने के लिए इस्टीमेट बना और एक्सईएन ने अधीक्षण अभियंता के पास भेज दिया। उन्होंने अपने स्तर से टेंडर निकालने से बचने के लिए सभी इस्टीमेट मुख्य अभियंता कानपुर को भेज दिया। वहां से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया।
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आठ माह से अधिक का समय गुजर गया, अभी तक एमडी कार्यालय से इस्टीमेट अनुमोदित होकर वापस नहीं आए। विद्युत विकास निधि खाते में धन होने के बावजूद काम न कराने से शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बदहाल है। मोहल्लों में जर्जर बंच केबल और तार के आए दिन टूटने से बिजली बाधित होती है, ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। निर्बाध बिजली न मिलने से शहर के लोग गर्मी में बेहाल हो रहे हैं।
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