सिविल अस्पताल लिंजीगंज में मरीजों से जानकारी करते सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार। संवाद
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फर्रुखाबाद। शहर के लिंजीगंज सिविल अस्पताल में सीएमओ के निरीक्षण के दौरान बदहाली सामने आ गई। बिना चादर के बेड पर लेटी प्रसूता को न भोजन मिला और न ही नाश्ता। अधीक्षक व डॉक्टर सहित पांच कर्मचारी गैरहाजिर मिले। सीएमओ ने इन सभी का वेतन रोकते हुए अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार दोपहर बाद लिंजीगंज सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां अधीक्षक डॉ. आरिफ सिद्दीकी अनुपस्थित मिले। डॉ. अंशुल चतुर्वेदी के लगातार दो माह से न आने की जानकारी दी गई। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो माधुरी, हरीओम, गुलाब सिंह, विजयेंद्र कुशवाहा गैरहाजिर मिले।
व्यवस्थाएं देखीं तो अस्पताल में एक्सरे मशीन कभी चालू नहीं की गई। सीबीसी मशीन उपलब्ध ही नहीं है। प्रसूता के वार्ड में स्टाफ नर्स प्रियंका भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थी, जबकि महिला डॉक्टर न होने से स्टाफ नर्स ही प्रसव कराती हैं। प्रसूता को बिना चादर के बेड लेटा देख सीएमओ ने चादर मंगवाई। 10 मिनट इंतजार के बावजूद चादर नहीं दी गई।
पूछताछ में प्रसूता ने सीएमओ को बताया कि अस्पताल में न तो उसे भोजन मिला और न ही नाश्ता। लाइट जाने पर पंखा भी बंद हो जाता है। उन्हें बताया गया कि अधीक्षक पड़ोसी जिले में अपना नर्सिंगहोम चलाते हैं, इससे यदा-कदा ही अस्पताल आते हैं।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि लगातार अनुपस्थित चल रहे डॉ. अंशुल चतुर्वेदी का एक जुलाई से वेतन रोका गया है, जबकि अन्य गैरहाजिर कर्मचारियों का एक दिन के वेतन पर रोक लगा दी है। अधीक्षक डॉ. आरिफ सिद्दीकी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। नर्सिंगहोम चलाने के संबंध में भी जांच कराई जाएगी।