185 स्मार्ट फोन व पांच टैबलेट गायब करने के मामले में फतेहगढ़ कोतवाली में मंगलवार रात को तत्कालीन ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सत्यापन में स्मार्ट फोन कम पाए जाने के बाद मामले की जांच अतिरिक्त एसडीएम ने की थी। इसके बाद ही एडीएम ने वर्तमान ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर को प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
डिजीशक्ति योजना 2021-22 के तहत स्नातक व परास्नातक छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फाेन व टैबलेट वितरित करने थे। इसके लिए यूपी डेस्को एजेंसी ने 36,950 स्मार्ट फोन व 18,262 टैबलेट उपलब्ध कराए थे। वितरण की जिम्मेदारी जनपद आगरा थाना रोहता के द्वारिका ग्रीन-1 निवासी ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर अभिषेक चौहान की थी। उनकी सेवा छह नवंबर 2024 को समाप्त हो गई थी। ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर आशीष कुमार ने 13 मई 2025 को चार्ज लिया।
सत्यापन किए जाने पर पता चला कि स्टॉक में 199 दिखाए गए हैं जबकि मौके पर महज 14 ही हैं। इसकी जानकारी होने पर एडीएम अरुण कुमार सिंह ने अतिरिक्त एसडीएम रविंद्र कुमार से मामले की जांच कराई। इसमें पता चला कि 185 स्मार्ट फोन व 5 टैबलेट गायब हैं। इसके बाद अभिषेक चौहान से जवाब तलब किया गया। पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया न ही वह यह बता सके कि आखिर 185 स्मार्ट फोन व पांच टैबलेट कहां गए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार एडीएम ने ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर आशीष कुमार को प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए। मंगलवार देर रात ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर आशीष कुमार की तहरीर पर फतेहगढ़ कोतवाली में पूर्व में तैनात रहे ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर अभिषेक चौहान के खिलाफ गबन की प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोतवाली रणविजय सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।