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समाजवादी पार्टी की जिला पंचायत अध्यक्ष सगुना कठेरिया की कुर्सी आखिरकार चली गई। गुरुवार को जिला पंचायत के सदन में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इसके समर्थन में 30 में से 21 सदस्यों ने मतदान किया। खास बात यह रही कि अविश्वास प्रस्ताव लाने व पास कराने वालों में से ज्यादातर सदस्य सपा के ही हैं। वहीं 8 जिला पंचायत सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। एक सदस्य चंद्रपाल की मौत हो चुकी है।
मालूम हो कि अप्रैल में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप यादव समेत अन्य सदस्यों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर बहस व मतदान के लिए गुरुवार 4 मई का दिन निर्धारित किया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के साथ ही पीएसी भी मौजूद रही। डीएम रविंद्र कुमार, एसपी सुभाष सिंह बघेल ने सुबह मौके पर जाकर सुरक्षा इंतजामों व मतदान व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एएसपी अशोक कुमार पूरे समय खुद डटे रहे।
जिला जज के प्रतिनिधि के तौर पर सिविल जज सीनियर डिवीजन राजीव रंजन ने कागजी प्रक्रिया कराई। बहस के दौरान सभी सदस्यों ने एक साथ हाथ खड़े करके अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अंबेश का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है। शासन को आज की कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
तीन सदस्यों की कमेटी बनेगी या नए जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा, यह निर्णय शासन लेगा। कागजी कार्यवाही पूरी कर कल से सगुना के अधिकार समाप्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जितने बैलेट पेपर यूज हुए व जितने अनयूज हुए वे डबल लाक में रखवा दिए गए हैं। जिलाधिकारी के जरिए शासन को रिपोर्ट जाएगी।