अमृतपुर। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में मुसीबतें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.95 मीटर पर पहुंच गया। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर डेढ़ फीट से अधिक पानी बहने लगा। बहाव तेज होने से एसडीएम ने वहां से वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी है। अब सभी वाहन डबरी होकर निकाले जा रहे हैं। गांव अंबरपुर के 12 घरों में पानी भर गया है। गंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर है। वहीं, नरौरा बांध से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर गांव चित्रकूट स्थित डिप पर सोमवार रात से पानी बहने लगा था। बाइक व कारें निकालने में परेशानी हो रही है। पानी का बहाव तेज होने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। कई बाइक पानी के बीच धार में पहुंचकर बंद हो रही हैं। उप जिलाधिकारी श्वेता साहू ने थानाध्यक्ष राजेपुर को मार्ग बंद कराने के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष ने डिप के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर वाहनों को गुजरने से रोक दिया। थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि फर्रुखाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को इटावा-बरेली हाईवे से डबरी मोड़ से राजेपुर की ओर भेजा जा रहा है। बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को राजेपुर से डबरी होते इटावा-बरेली हाईवे पर भेजा जा रहा है।
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बदायूं मार्ग से हटाकर बाढ़ पीड़ितों को भेजा शरणालय
बाढ़ का पानी अंबरपुर गांव के 12 घरों में घुस गया। लोगों का घरेलू सामान भीग गया। ग्रामीण घर छोड़ बदायूं मार्ग के किनारे अस्थायी रूप से डेरा डालने पहुंच गए। उप जिलाधिकारी श्वेता साहू ने तहसीलदार शशांक सिंह, थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां बाढ़ पीड़ितों से बात की। उन्होंने ग्रामीणों से सड़क किनारे रहने के बजाय प्रशासन द्वारा बनाए गए बाढ़ शरणालयों में जाने को कहा लेकिन कोई भी परिवार बाढ़ शरणालय में जाने को तैयार नहीं हुआ।
एसडीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति इस बार सड़क किनारे नहीं रहेगा। शासन ने उनके सुरक्षित ठहरने के साथ भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। ग्रामीणों ने घर में रखा सामान चोरी होने की बात कही। एसडीएम ने कहा कि पुलिस रात में गश्त करेगी। एसडीएम ने कहा कि पशुओं के लिए भी चारा पानी की व्यवस्था है। काफी देर तक समझाने पर ग्रामीण बाढ़ शरणालय रामनिवास महाविद्यालय में जाने को तैयार हुए।
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बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए भेजी गई नाव लेकिन नाविक नहीं
- गंगा में बाढ़ आने से 30 से अधिक गांव प्रभावित हो चुके हैं। रास्ते पर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में नाव तो उपलब्ध करा दी लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण नाविक नहीं भेजा गया। गांव चित्रकूट में खाटूश्याम मंदिर पर एक नाव लगाई गई है। नाविक न होने से नाबालिग बच्चे नाव चला रहे हैं।
आशा की मड़ैया के निवासी तुलाराम, सर्वेश, जगराम राजीव आदि ने बताया कि प्रशासन द्वारा एक छोटी नाव भेजी गई है। लेकिन नाव चलाने वाला नहीं है। जो भी गांव से बाहर आता है, वह नाव स्वयं चलाकर ला रहा है।
कंचनपुर सबलपुर के ग्राम प्रधान ब्रजपाल सिंह, मुनेश सिंह, उमेश सिंह, भोले आदि ने बताया कि ठेकेदार ने एक छोटी नाव भेजी थी। लेकिन नाव चलाने वाला कोई नहीं आया। नाव फूटी होने के कारण डूब गई है। एसडीएम श्वेता साहू ने कहा कि सभी जगह नाव चलाने वाले हैं। किसी को समस्या है तो वह हमें बताए, समस्या का समाधान किया जाएगा।
फोटो-10 गांव चित्रकूट में नाव से मंदिर जाते श्रद्धालु। संवाद
फोटो-10 गांव चित्रकूट में नाव से मंदिर जाते श्रद्धालु। संवाद
फोटो-10 गांव चित्रकूट में नाव से मंदिर जाते श्रद्धालु। संवाद
फोटो-10 गांव चित्रकूट में नाव से मंदिर जाते श्रद्धालु। संवाद