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फर्रुखाबाद: नेत्र परीक्षक के मुख्य हत्यारोपी समी का बाउंसर गिरफ्तार, घोषित था 25 हजार का इनाम

Sun, 14 Feb 2021 07:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : amar ujala
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फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली पुलिस ने एसटीएफ के साथ संयुक्त अभियान में गांव याहियापुर निवासी नेत्र परीक्षक बिलाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी समी के बाउंसर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने इसपर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। गांव याहियापुर निवासी नेत्र परीक्षक बिलाल खां 30 अगस्त 2019 को अपने क्लीनिक पर बैठे थे।
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तभी चचेरे भाई समी ने जमीन के बंटवारे की रंजिश में सुपारी देकर उनकी हत्या करा दी थी। नेत्र परीक्षक के पिता खालिद खां ने समी व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कुछ दिन बाद खालिद खां की बीमारी व बेटे के गम में मौत हो गई थी। विवेचना के दौरान समी के अलावा छह आरोपियों के नाम सामने आए थे।

इसमें पुलिस ने जनपद अलीगढ़ के थाना अकराबाद के गांव टुआमई निवासी रामऔतार यादव को 2 अक्तूबर 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद 4 अक्तूबर को अलीगंज रोड पर गांव बलीपुर के सामने राहुल यादव को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। आरोपी सौरभ व देवेंद्र अलीगढ़ में हाजिर हो गए थे। इसके बाद अंशुल, भूरा उर्फ शिवकुमार भी जेल चले गए थे।
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इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी समी व उसका बाउंसर आशीष यादव फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक ने दोनों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। शनिवार शाम एसटीएफ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह व कोतवाली के एसएसआई संतोष कुमार ने टीम के साथ पुल गालिब तिराहे से आशीष यादव निवासी कुआंखेड़ा गांव थाना ताजगंज जिला आगरा को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी समी अभी भी पकड़ से दूर है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

हत्या से चार माह पहले समी से हुई थी मुलाकात
आरोपी आशीष यादव ने बताया कि वह आगरा में किसी और का बाउंसर था। नेत्र परीक्षक की हत्या से चार माह पहले समी से मुलाकात हुई थी। तब उसने उससे पूछा था कि उसे कितने रुपये मिलते हैं। इसके बाद दोगुने वेतन पर अपना सुरक्षा गार्ड बना लिया था। समी का चचेरे भाई से जमीन का विवाद था।

समी किसी अन्य के हाथ पैर तोड़ने की कहकर अलीगढ़ के सौरभ आदि को बुलाकर लाया था। नेत्र परीक्षक की पिटाई के लिए सौरभ, रामऔतार, अंशुल, राहुल को बिलाल की क्लीनिक पर भेजा था। इन लोगों ने खुद को घिरा हुआ देखकर बिलाल की हत्या कर दी थी। घटना के दौरान वह समी के साथ न्यामतपुर में आम के बाग में रुका था। आशीष ने बताया कि हत्या के बाद उसकी समी से मुलाकात नहीं हुई है।
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