गांव कुम्हरौर का निरीक्षण करते डीएम मानवेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी। संवाद
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अमृतपुर। क्षेत्र के गांव कुम्हरौर में जिलाधिकारी ने मंगलवार को चौपाल के बाद गांव का निरीक्षण किया तो सीसी रोड खराब मिली। 10 वर्ष से बंद पड़े उपस्वास्थ्य केंद्र को देख एएनएम को बर्खास्त करने और विकास कार्यों की जांच कराने के आदेश दिए। प्रधान द्वारा विकास कार्य न कराने के विरोध में डीएम का काफिला रोककर ग्रामीणों ने हंगामा किया।
राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव कुम्हरौर में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। अपूर्ण जीजीआईसी भवन के बारे में पूछने पर डीआईओएस ने बजट का अभाव बताया। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने स्कूल के पीछे ठेकेदार द्वारा किया गया गहरा गड्ढा देख नाराजगी जताई। उन्होंने डीआईओएस को ठेकेदार से गड्ढा भरवाने के आदेश दिए। गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र की दशा खराब मिली। ग्रामीणों ने बताया कि 10 वर्ष से खुला ही नहीं है। डीएम ने एएनम मनोरमा को बर्खास्त करने के आदेश दिए। मनरेगा, सामुदायिक शौचालय, आवास व सीसी रोड की गुणवत्ता खराब मिलने पर जांच कराने को कहा।
प्रधान द्वारा विकास कार्य न कराने और कराए गए कार्य गुणवत्ता हीन होने की शिकायत कर ग्रामीणों ने डीएम के सामने हंगामा कर दिया। डीएम के काफिले के आगे तहसीलदार की गाड़ी में बैठे बीडीओ को रोक लिया और प्रधान व सचिव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ को हटाया। इसके बाद स्कूलों के निरीक्षण में अतिरिक्त कक्षा कक्षों की हालत खराब मिली। प्राइमरी स्कूल के जर्जर कमरों में जानवर बांधे जाने की जानकारी व गोबर पड़ा होने पर डीएम ने प्रधानाध्यापक से पूछताछ की। एसडीएम बृजेंद्र कुमार को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। बीएसए से भवन निर्माण का पूरा विवरण तीन दिन में तलब किया। बच्चों को काम न देने और स्वेेटर वितरण न करने पर प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। इसके साथ ही विवादित चक मार्गों की नाप कराकर कब्जामुक्त कराने को कहा। गांव में कैंप लगाकर वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन के आवेदन भरवाने, अन्ना गोवंश पकड़वाकर गोशाला में शिफ्ट कराने के बीडीओ को निर्देश दिए।