कमालगंज। ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण से जुड़े लक्षणों बुखार, जुखाम, सांस लेने में दिक्कत आदि से लोग परेशान हैं। इनमें से कई लोग क्वारंटीन कर दिए जाने के डर से बीमारी के बारे में निगरानी समिति में शामिल सदस्यों व आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं आदि को नहीं बता रहे हैं। अधिकारियों के भ्रमण में यह मामला सामने आने के बाद लोगों को समझाया जा रहा है कि लक्षण वाले लोगों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। बुखार, जुकाम व संक्रमण से जुड़े लक्षणों को छिपाना घातक हो सकता है।
जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों द्वारा क्षेत्र के गांवों में किए जा रहे भ्रमण में निगरानी समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि कुछ लोग बुखार, जुकाम व सांस लेने में तकलीफ होने के बावजूद जानकारी नहीं दे रहे हैं। न्यामतपुर ठाकुरान में भी गुरुवार को डीएम के सामने यह बात आई थी। बुखार वाले लोग इसलिए दवा की किट नहीं लेना चाहते कि कहीं उन्हें क्वारंटीन न कर दिया जाए। गांव में पूर्व में पांच परिवारों में कुछ लोग पॉजिटिव पाए गए थे। बहोरिकपुर गांव में वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगों को बुखार आ गया था। इससे अब कुछ लोग इसलिए वैक्सीन नहीं लगवा रहे कि लगवाई तो बुखार आ जाएगा। खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल ने स्वीकार किया कि क्वारंटीन होने के डर से कई लोग लक्षण छिपा रहे हैं, जो घातक है। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति में शामिल सदस्यों से कहा गया है कि वह लोगों को जागरूक करके इन भ्रमों को दूर करें। निर्धारित आयु के सभी लोग वैक्सीन के दोनों डोज लगवाएं। लक्षण वाले लोग किट प्राप्त कर दवा लें। (संवाद)