कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव ज्योना गांव में ग्रामीणों ने अन्ना पशुओं को घेर कर गांव के एक मंदिर में बंद कर दिया। सूचना पर पुलिस व प्रशासन पहुंच गया।
मंगलवार को गांव ज्योना के ग्रामीणों ने लगभग आधा सैकड़ा पशु गांव में बने एक मंदिर परिसर में बंद कर दिए। किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। इस पर एसआई उपदेश कुमार फोर्स के साथ वहां पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। ग्रामीणों का कहना है कि इन अन्ना मवेेशियों से उनकी फसल नष्ट हो रही है। वह काफी परेशान हैं।
दरोगा ने कहा कि इस तरह से मवेशियों को नहीं लाना चाहिए। वह कुछ खाएंगे नहीं तो भूख से मर सकते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इन आवारा पशुओं के लिए कोई स्थाई स्थान बनाया जाए ताकि पशु वहीं रह सकें। उनकी फसलें बरबाद न हों। इस पर दरोगा ने एसडीएम अनिल कुमार को जानकारी दी। इस पर तहसीलदार गजेंद्र सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हैं। तहसीलदार ने बताया कि ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी हल नहीं निकला है।
एसडीएम अनिल कुमार ने बताया इस संबंध में स्थाई हल निकालने के लिए नवाबगंज ब्लाक की बुधवार, कायमगंज गुरुवार व शुक्रवार को शमसाबाद की तहसील सभागार में संबंधित बीडीओ, ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरी बैठक बुलाई गई है। गांव में चारागाह की जगह पर अन्ना पशुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।