21 सूत्री मांगों के निस्तारण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा।
अधिकारियों के अड़ियल रुख से भड़के प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को फर्रुखाबाद-बदायूं हाईवे पर तहसील गेट के ठीक सामने दोपहर 12 बजे जाम लगा दिया। तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात ठप रखकर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तहसीलदार व एसडीएम के तबादले की मांग की।
सिटी मजिस्ट्रेट से आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम तो खोल दिया लेकिन वे पुन: अनशन स्थल पर आकर डट गए। प्रदर्शनकारियों ने समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
सर्वोदय मित्र मंडल के प्रांतीय महामंत्री लक्ष्मण सिंह ने अनशनस्थल पर पहुंचकर भाकियू के आंदोलन को समर्थन दिया। अधिकारियों के उदासीन रवैये से नाराज भाकियू व सर्वोदय मित्र मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए हाईवे पर पहुंचे और जाम लगाकर आवागमन ठप कर दिया।
जाम लगाए जाने की सूचना पर तहसीलदार शेख आलमगीर मौके पर गए, लेकिन भीड़ के गुस्से को देख बगैर वार्ता किए लौट गए। इसके बाद एसडीएम युगराज सिंह, इंस्पेक्टर प्रमोद शुक्ला ने मौके पर जाकर वार्ता की। इस दौरान पुलिस और एसडीएम से प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस भी हुई।
करीब तीन बजे तहसील अमृतपुर के अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद प्रकाश द्विवेदी ने मौके पर जाकर पहल की तो लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। तब सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह से वार्ता कराई गई।उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने तीन बजे जाम खोल दिया और सीओ देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा।