अंतिम दिन उमड़े किसान, आधे गेहूं की ही तौल
फर्रुखाबाद। गेहूं खरीद के अंतिम दिन मंगलवार को सातनपुर मंडी स्थित क्रय केंद्रों पर किसानों की लाइन लगी रही। तमाम किसानों ने मंडी में ही रात गुजारी और इसके बाद भी दूसरे दिन आधा गेहूं ही तौला गया। इससे उन्हें शेष गेहूं वापस लेकर जाना पड़ा।
जनपद में गेहूं खरीद के लिए 41 केंद्र संचालित थे। गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून से बढ़ाकर 22 जून कर दी गई थी। वहीं मंडी के बाहर स्थित 34 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद बंद कर दी गई। इससे सात क्रय केंद्र ही चल रहे हैं। सातनपुर मंडी में स्थित तीन क्रय केंद्रों में दो केंद्र विपणन शाखा के, जबकि एक केंद्र पीसीएफ का संचालित हैं।
मंगलवार को गेहूं खरीद का अंतिम दिन होने से सोमवार से ही किसानों की मंडी भीड़ रही। शाम तक गेहूं की तौल न हो पाने से मंडी में ही रात गुजारनी पड़ी। जब तौल का नंबर आया तो किसानों की संख्या अधिक देख केंद्र प्रभारी ने टोकन से आधे गेहूं की तौल की और बाकी वापस कर दिया।
वहीं विपणन शाखा के एक क्रय केंद्र पर दोपहर में कुछ देर तौल बंद रही। पूछने पर बताया गया कि पल्लेदार खाना खा रहे हैं। करीब एक घंटे बाद फिर तौल शुरू हो गई।
किसानों ने बयां किया दर्द
पीसीएफ के आलू संघ क्रय केंद्र पर मौजूद राजेपुर क्षेत्र के गांव दहेलिया निवासी गंगा महेश ने बताया कि वह सोमवार सुबह गेहूं की ट्राली लेकर आए थे। रात में मंडी में ही रुके। 42 क्विंटल गेहूं का टोकन है। दूसरे दिन केंद्र प्रभारी ने 20 क्विंटल गेहूं की तौल की। शेष गेहूं वह वापस ले जा रहे हैं।
डीएम से शिकायत के बाद हुई गेहूं की तौल
राजेपुर के गांव हमीरपुर सोमवंशी निवासी अजीत कुमार ने बताया कि सोमवार को वह 49 क्विंटल गेहूं लेेकर आए। टोकन पर भी उनका गेहूं नहीं तौला गया, जबकि बाद में आए बिचौलियों का तौल लिया गया। जिलाधिकारी को फोन कर शिकायत की। उनके आदेश के बाद डिप्टी आरएमओ ने केंद्र प्रभारी मुकेश कुमार को फोन कर फटकार लगाई। इसके बाद गेहूं की तौल की गई।
बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी भीमपुर निवासी जंगू 50 क्विंटल गेहूं लेकर सोमवार को आए थे। मंडी में ही रात गुजारी। दूसरे दिन भी दोपहर बाद तक गेहूं की तौल नहीं हुई।
राजेपुर के गांव सवासी निवासी सत्यपाल सिंह विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर सोमवार को गेहूं लेकर पहुंचे। उनका पत्नी बिटोली देवी का अलग टोकन था। कुल 80 क्विंटल गेहूं था। किसान की सहमति पर दोनों का 50 क्विंटल गेहूं तौला गया। शेष गेहूं वापस ले जाना पड़ा।
10 दिन बाद भी नहीं मिला भुगतान
पीसीएफ केंद्र पर मौजूद गांव सुंदरपुर निवासी रामसरन ने बताया कि उन्होंने 10 दिन पहले करीब 50 क्विंटल गेहूं तौलाया था। शासन से 72 घंटे में भुगतान करने के आदेश हैं लेकिन 10 दिन बाद भी उनके खाते में भुगतान नहीं पहुंचा। इससे वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
क्या कहते हैं केंद्र प्रभारी
पीसीएफ के केंद्र प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि किसानों की संख्या अधिक है। 350 क्विंटल से ज्यादा एक दिन में गेहूूं की तौल नहीं की जा सकती। सभी किसानों को संतुष्ट करने के लिए उनकी सहमति पर आधा गेहूं तौला गया। इससे कोई किसान निराश होकर नहीं लौटेगा।
विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि अंतिम दिन होने से बिना गेहूं तौले किसी किसान को नहीं लौटने दिया गया। टोकन से कुछ कम गेहूं तौलकर छूट रहे किसानों को भी समायोजित कर लिया गया।