किसान मित्रों ने बहाली की मांग को लेकर गुरुवार दोपहर फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग अंबेडकर तिराहे पर जाम लगा दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इसमें पुलिस और स्कूली बच्चों के वाहन भी फंस गए। जाम खुलवाने को लेकर किसान मित्रों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के पहुंचने पर किसान मित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और जाम खोला।
वर्ष 1998 में किसान मित्र योजना शुरू हुई थी। बसपा सरकार में बजट का अभाव बताकर योजना को स्थगित कर दिया गया था। इससे प्रदेश के करीब 52 हजार किसान मित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया। किसान मित्रों ने भाजपा सरकार में योजना को दोबारा शुरू कर किसान मित्रों की नौकरी बहाल करने की मांग शुरू की है। इसको लेकर गुरुवार को फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग अंबेडकर तिराहे के पास जाम लगा कर प्रदर्शन किया। यहां से कुछ दूरी पर भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर का आवास है। किसान मित्रों के जाम लगाने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इसमें पुलिस और स्कूली बच्चों के वाहन फंस गए। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। भोजपुर विधायक के आने पर किसान मित्रों ने ज्ञापन दिया। अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह ने विधायक को दिए ज्ञापन में कहा कि गांव हरसिंहपुर कायस्थ टपुआ को गंगा के कटान से बचाया जाए।
इस दौरान योगेंद्र सिह, मंगूलाल, सुआलाल, होतेलाल, बादशाह, धनपाल, राजवीर, रामबहादुर, मानसिंह, विजयपाल, रामप्रकाश, द्वारिका प्रसाद, सुधीर, सुंदरलाल आदि रहे।