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भाकियू ने लगाया हाईवे पर जाम
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किया गया प्रदर्शन
क्रासर
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और डीएम को संबोधित ज्ञापन भी दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहम्मदाबाद। तीन कृषि कानूनों व खाद, डीजल, पेट्रोल के बढ़े दामों के विरोध और पांच मांगों को लेकर भाकियू ने शुक्रवार को इटावा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को दिए।
भाकियू (टिकैत गुट) के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी की अगुवाई में किसान रोहिला चौराहे पर इटावा-बरेली हाईवे पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इससे यातायात ठप हो गया। करीब 15 मिनट तक धरना चलता रहा। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर एसडीएम सदर अनिल कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। मंडल उपाध्यक्ष ने उन्हें प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन दिया। इसमें तीनों कृषि कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लेने, बिजली बिल व पराली बिल रद्द करने, डीएपी के बढ़े रेट कम करने, डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस की कीमतें आधी करने, किसानों का कर्ज माफ करने और लॉकडाउन के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांगें की गई हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन में सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त करने, नवाबगंज-अचरा मार्ग का चौड़ीकरण कराने, किसानों को आलू भंडार में 50 फीसद सब्सिडी देने, व गंगा एक्सप्रेस-वे फर्रुखाबाद से होकर निकालने की मांग की। डीएम को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन में वरासत के नाम पर वसूली करने वाले खिमसेपुर के लेखपाल शैलेंद्र सिंह को हटाने, गांव बराकेसव, सिनौड़ा पृथ्वी, बहोरा, चौसपुर की चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने, आवारा गोवंश को पकड़वाकर गोशाला में भेजने, शीतगृहों के बाहर भंडारण रेट की सूची चस्पा करवाने की मांग की गई। जगदीश शाक्य, रमेश शाक्य, अवधेश चंद्र फौजी, संजय सिंह यादव, अमर सिंह मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, शमसाबाद में भाकियू जिला अध्यक्ष रामबहादुर राजपूत की अगुवाई में सदर तहसील के चकबंदी अधिकारी रामकिशोर को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।